उत्तराखंड के जंगलों में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए निकलपड़े भारतीय वायु सेना के जाबाज

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देहरादून- उत्तराखंड के जंगलों में लगी हुई आग लगतार बढती ही जा रही है I पिछले 10 दिनों में इस आग ने भीषण विनाशकारी स्वरुप हासिल कर लिया है हालाँकि उत्तराखंड के जंगलों में शुष्क मौसम की वजह से आग की शुरुआत इस साल के फरवरी महीने से ही हो गयी थी I लेकिन तब उत्तराखंड सरकार की लापरवाही की वजह से यह आग लगतार जंगलों में बढती ही चली गयी और अब यह आग इतनी भीषण हो गयी है कि उत्तराखंड के 13 जिलों में आग की वजह से हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है I

एयर फ़ोर्स और सेना के जाबाजों को संभालना पड़ा है मोर्चा –
बता दें कि आग के बढ़ते हुए स्वरुप को देखते हुए गृहमंत्रालय ने सीधे वायुसेना और सेना को अतरिक्त मदद के लिए उत्तराखंड के लिए कल ही रवाना कर दिया था I ज्ञात हो कि विंग कमांडर वीके सिंह के नेत्रत्त्व में 7 क्रू मेम्बर्स के साथ इंडियन एयर फ़ोर्स का MI-17 हेलीकाप्टर उत्तराखंड के भीमताल पहुँच गया है I वायु सेना का हेलीकाप्टर उत्तराखंड के भीमताल से पानी भरेगा और फिर उसे नैनीताल के अल्माखान, किलबरी, नलेना आदि क्षेत्रों में आग बुझाने के लिए प्रयोग करेगा I

एसड़ीआरऍफ़ और एनडीआरऍफ़ की कई टीमों को ग्राउंड पर उतारा गया –

उत्तराखंड के जंगलों में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए वायु सेना और सेना के साथ ही साथ एसड़ीआरऍफ़ और एनडीआरऍफ़ की टीमों को भी ग्राउंड पर उतार दिया गया है साथ ही वन विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी भी तत्काल प्रभाव से कैंसिल कर दिया गया है I जवानों को सीधे ही अब ग्राउंड पर जंगलों में आग बुझाने के लिए भेज दिया गया है I ये जवान अपने-अपने इलाकों में आग पर काबू पाने और उसे और आगे न बढ़ने देने के उपाय करेंगे I हालांकि इस आग को बुझाने के लिये उतारे गये इन जवानों के लिये भी बड़ी चुनौती है I

अब तक 19 हेक्टेयर जंगल आ गए है आग की चपेट में –
इस साल के फरवरी महीने से उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग ने पिछले 10 दिनों में भीषण स्वरुप हासिल कर लिया है I फिलहाल NDRF और SDRF की टीमें भड़की आग को बुझाने में नाकाम रही है I हालाँकि अब सेना और वायु सेना के मैदान में उतरने के बाद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मदद मिलेगी I
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