चीन और पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पीएम मोदी ने स्वयं संभाल ली है कमान

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दिल्ली- भारत ने चीन और पाकिस्तान के विरोध के बावजूद परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए 12 मई को को आवेदन कर दिया है | इस मामले में पीएम मोदी ने पाकिस्तान और चीन के विरोध का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए खुद ही कमान संभाल ली है | इन दोनों ही देशों की नापाक चालों को कामयाब न होने देने के लिए खुद पीएम मोदी एनएसजी देशों के प्रमुखों से बातचीत कर रहे है |

9-10 जून को होने वाली बैठक है अहम् –
बताया जा रहा है कि एनएसजी की 9 और 10 जून को होने जा रही बैठक में भारत के नाम पर चर्चा हो सकती है | इसीलिए यह दोनों ही दिन भारत के लिए बेहद अहम् साबित होने वाले है | इसी बैठक में एनएसजी समूह के सभी देश नए सभी आवेदनों पर अपने-अपने विचार रखेंगे | अगर मीडिया में आई ख़बरों की मानें तो पीएम मोदी एनएसजी की सदस्यता वाले देशों के समूह में भारत को पहुंचाने के लिए ख़ास रणनीति बना रहे है | बताया जा रहा है कि पीएम मोदी इसी सिलसिले में अमेरिका, अफगानिस्तान, मैक्सिको, स्विटजरलैंड और क़तर की यात्रा पर रवाना होने वाले है | ज्ञात हो कि स्विटजरलैंड ने और मैक्सिको ने भारत के एनएसजी समूह की सदयस्ता को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है |

पीएम मोदी 6 जून को स्विटजरलैंड और 9 जून को मैक्सिको की यात्रा करेंगे –
स्विटजरलैंड और मैक्सिको के विरोध को देखते हुए ही भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि पीएम मोदी खुद ही आगामी 6 जून को स्विटजरलैंड और 9 जून को मैक्सिको का दौरा करेंगे | बताया जा रहा है कि इन्ही दोनों देशों ने परमाणु अप्रसार को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है |

पाकिस्तान ने भी किया है आवेदन –
बताया जा रहा है कि जब भारत ने एनएसजी की सदस्यता के लिए आवेदन किया था उसके करीब हफ्ते भर के भीतर ही पाकिस्तान ने भी एनएसजी की सदस्यता के लिए आवेदन कर दिया था | चीन पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है जबकि अमेरिका ने पाकिस्तान का तगड़ा विरोध भी किया है और इतना ही नहीं भारत का विरोध करने के मामले में अमेरिका ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार भी लगाई है |

भारत की एनएसजी सदस्यता का विरोध करने पर पाकिस्तान के ऊपर भड़का अमेरिका –
भारत की NSG (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) सदस्यता को लेकर पकिस्तान के लगातार विरोध पर अमेरिका ने नाराजगी जताई है, पकिस्तान को कड़े लहजे में समझाते हुए एक संवाददाता सम्मलेन में अमेरिका के विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा भारत का इस समूह का सदस्य बनना हथियारों की दौड़ से नहीं जुड़ा है, यह परमाणु उर्जा का प्रयोग शांतिपूर्ण असैन्य कार्यों में करने के बारे में है और पकिस्तान को यह बात समझनी चाहिए |

टोनर ने कहा “कोई भी देश इस सदस्यता के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन यह एक सर्वसम्मति वाली संस्था है जिसने अबतक 48 देश सदस्य हैं जो इस सम्बन्ध में अपना मत रखते हैं, अब हम इंतजार करेंगे और देखेंगे कि फैसला किस ओर जाता है, NSG में नए सदस्य के शामिल होने की संभावनाओं पर विचार सदस्य देशों का आन्तरिक मामला है, इस मामले में मै आगे कुछ और नहीं कहना चाहूँगा |

टोनर ने कहा “यह कोई विशेष बैठक नहीं है। मेरा मानना है कि इसे प्रमुख तौर पर इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नहीं बुलाया गया है, पाकिस्तान ने अपनी दिलचस्पी को सार्वजनिक कर दिया है और निश्चित तौर पर कोई भी देश सदस्यता के लिए आवेदन कर सकता है, हम सर्वसम्मति से लिए फैसले के आधार पर गौर करेंगे।”

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