जालौन जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर शांतिपूर्ण मतदान, चार गांवों में सड़क के मुददे पर बहिष्कार

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प्रतीकात्मक

उरई– जालौन जिले की तीन विधानसभा सीटों पर गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रारंभिक आंकलन में 60 प्रतिशत मतदान की जानकारी दी है। गत् विधानसभा चुनाव में जिले में मतदान का प्रतिशत 60.58 रहा था। लगभग आधा दर्जन गांवों में सड़क के मुददे को लेकर लोगों ने मतदान का बाॅयकाट कर दिया। अधिकारियों की मदद से कुछ जगह ग्रामीणों को मना लिया गया लेकिन माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बुढ़नपुरा और तजपुरा व कालपी विधानसभा क्षेत्र के जसपुरा और मड़ोरी गांवों में एक भी वोट नही डलवाया जा सका।

मतदान के लिए सुबह 7 बजे के पहले से ही लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। लेकिन पूर्वान्ह 11 बजे दिन चढ़ने के साथ मतदान के लिए आने वालों की तादाद हल्की हो गई जिससे कई जगह सन्नाटा सा छा गया। कालपी विधानसभा क्षेत्र के महेबा ग्राम में और माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के वावली में अचानक हुई गमी के कारण मतदान बाधित हुआ। दोनों ही बड़ी आबादी के गांव हैं।

कई जगह मतदान के लिए अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। कालपी विधानसभा क्षेत्र के उसरगांव मतदान केंद्र पर 90 वर्ष के पाती अपने पौत्र माखन का सहारा लेकर मतदान केंद्र पर पहुंचे और सुबह-सुबह ही उन्होंने वोट डाल दिया। इसी मतदान केंद्र पर 85 साल की वृद्धा प्रभा अवस्थी जर्जर हालत होने के बावजूद अपने नाती ऋषभ अवस्थी के साथ वोट डालने आईं। गांव की तेज-तर्रार प्रधान सीमा तिवारी ने सगर्व बताया कि गांव की प्रथम नागरिक होने के नाते सबसे पहला वोट उन्होंने डालकर मतदान शुरू कराया। न्यामतपुर के एक मतदान केंद्र पर पुलिस के रिटायर्ड सिपाही खुशीराम आंखों की रोशनी चले जाने के बावजूद नाती शशिभूषण को लेकर मतदान करने आये। उन्होंने बताया कि 1985 में जब ललितपुर में उनकी तैनाती थी बीमारी के कारण उनकी नेत्र ज्योति चली गई थी जो काफी इलाज के बावजूद वापस नही आ सकी।
दमरास में सावित्री (50वर्ष) और उनकी बहू अजय कुमारी (25वर्ष) गांव से बाहर घर होने के कारण बैलगाड़ी से वोट डालने पहुंचीं। सिरसाकलार में खेतों में कटाई कर रहीं महिलाओं से जब इस संवाददाता ने उनके पास पहुंचकर पूंछा तो उन्होंने उंगली दिखाते हुए कहा कि पहले उन्होंने वोट डाला इसके बाद मजूरी पर आईं हैं। हालांकि उनसे जब यह पूंछा गया कि आप ने किस पार्टी को पसंद किया है तो उनमें से एक मुंहफट महिला ने कहा कि सारे नेता और पार्टियां चोर हैं। वे किसे पसंद कहें।

जिले में उरई सदर सुरक्षित, कालपी और माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में 12 लाख 32 हजार 491 मतदाताओं के लिए 1027 मतदान केंद्र और 1460 बूथ बनाये गये थे। अधिकतम लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने हेतु जिला प्रशासन एक पखवारे से अधिक समय से अभियान छेड़े हुए था। इसके बावजूद विकास की उपेक्षा से बहिष्कार पर आमादा ग्रामीणों को नही मनाया जा सका। कालपी विधानसभा क्षेत्र के इमिलिया बुजुर्ग में प्रशासन के काफी मशक्कत करने पर एक मतदाता का वोट डलवाया जा सका जिससे बहिष्कार करने वाले गांवों की सूची कम हो गई। यही हाल माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गोरा भूपका गांव में हुआ। वहां भी सांकेतिक मतदान कराकर प्रशासन ने अपना पिंड छुड़ाया।
पूरे जिले में मतदान के दौरान सुरक्षा के लिए अर्द्धसैनिक बलों की 48 कंपनियां तैनात की गई थीं। हालांकि सभी जगह माहौल बेहद शांतिपूर्ण रहा। पुलिस को कहीं पर भी बल प्रयोग की जरूरत नही पड़ी। जिलाधिकारी संदीप कौर पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगैन के साथ मतदान के समय जिले का भ्रमण करती रहीं। केंद्रीय प्रेक्षक भी पूरी मुस्तैदी से मतदान का जायजा लेते रहे।

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव
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