जूस के साथ बीमारी, मुनाफाखोरों की माहवारी

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बछरावाँ/रायबरेली (ब्युरो)- जैसे-जैसे गर्मी चरम पर पहुँच रही है वैसे-वैसे तपिस बढ़ने के साथ लोगो के लिये अब गले तर करना भी महंगा पड़ सकता है। सड़क की पटरियों पर बिक रहा गन्ने का जूस नाना प्रकार की बीमारियो को दावत दे रहा है। वही स्वास्थ्य महकमा इन पर कार्यवाही के बजाय सूरदास की मुद्रा में लींन है ।

गौरतलब हो कि नगरपंचायत बछरावाँ में करीब एक दर्जन स्थानों पर खुलेआम गन्ने का रस बेचा जस रहा है। गर्मी में गन्ना सूखा होने से दुकानदारों को रस में फायदा नही होता है। इस लिए गन्ने को रात भर गन्दे पानी में तथा दिन में भी गिलास धोने वाले गंदे पानी से भिगोकर तर किया जाता है। बाद में उसी से रस निकालकर लोगो को पिलाया जाता है।

यही नही खुले में जूस बेचने के कारण मक्खियां भिन-भिनाया करती है और जिस बर्फ का प्रयोग किया जाता है। वह बर्फ भी मानक की नही होती है। सबसे बड़ी आश्चर्य की बात यह है कि यह दुकाने नाबालिग बच्चे चलाते है।

सड़क की पटरियों पर संचालित दुकाने ऐसे ही बीमारियो को दावत दे रही है। सूत्रों के हवालो से ज्ञात हुआ है कि कुछ माफिया किस्म के लोग कस्बे की राजमऊ रोड़ पर गन्ने के जूस की दुकानें लगवाकर माहवारी वसूल रहे है। क्योंकि कस्बा बछरावाँ में गन्ने के रस की सभी दुकाने बाहरी जनपद के लोगो की है।

इस तरह एक तरफ लोगो में यह जूस की दुकानें बीमारी बाट रही है तो दूसरी तरफ इन अराजकतत्वों की जेब भरने के साथ-साथ बालश्रम को भी बढ़वा दे रही है। इन सब कारणों से लोगो के शरीर मे उल्टी, दस्त व् पेट से सम्बंधित बीमारियां बहुतायत की संख्या में हो रही है । जिससे की ज्यादातर छोटे बच्चे व् महिलाये प्रभावित हो रही है। इतना सब कुछ जिलाप्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है और स्वास्थ्य महकमा कुम्भकर्णी नींद में सो रहा है।

रिपोर्ट- जयसिंह पटेल

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