भारत का सबसे खतरनाक किला, चढ़ते-चढ़ते ही चली जाती है लोगों की जान

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kalavanti durg

भारत वर्ष हमेशा से ही वीरों, महावीरों और राजा महराजाओं की धरती रही है | यहाँ पर अनेक छोटे-छोटे राज्य हुआ करते थे | ऐसे भी सभी राजाओं के लिए उनके बड़े बड़े महल हुआ करते थे और सैनिकों के लाइट साथ सुरक्षा की द्रष्टि से किलों का निर्माण करवाया जाता था | यह किले बेहद उंचाई वाले स्थानों पर या फिर कुछ इस तरह से बनाये जाते थे जिससे दुश्मन का इन्हें जीत पाना बिलकुल असंभव हो जाय |

आज हम आपको भारत के पश्चिमी छोर पर स्थित राज्य महाराष्ट्र के एक ऐसे किले के बारे में बता रहे है जिसपर चढ़ना इतना दुष्कर है कि अक्सर चढाई करते समय कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है | दरअसल आपको बता दें कि यह किला एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और इस पहाड़ी की उंचाई है 2300 फिट |

कलावंती फोर्ट-

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आज हम आपके साथ साझा कर रहे है महाराष्ट्र के माथेरान और पनवेल के बीच स्थित प्रभलगढ़ फोर्ट के बारे में इस किले को कलावंती फोर्ट के नाम से भी जाना जाता है | यह किला भारत के सबसे खतरनाक किलों में से एक है | यह किला 2300 फुट ऊँची एक पहाड़ी पर स्थित है और सबसे बड़ी बात यह है कि इस किले के ऊपर चढ़ने के लिए 2300 फिट तक कोई भी सही व्यवस्था नहीं है | यहाँ पर वही प्राचीन कालीन पत्थर को काटकर बनाई गयी सीढियाँ है जिनके किनारे पर न ही कोई सपोर्ट लगा हुआ है और न ही यहाँ पर कोई रेलिंग ही है | आपको इस पहाड़ पर सीधे ही चढ़ना होगा एक बार भी यदि आपका पैर फिसला तो आप सीधे 2300 फुट नीचे |

छत्रपति शिवा जी के समय पर बदला गया है इसका नाम –
बता दें कि इस किले का नाम शिवा जी के शासनकाल में बदला गया था | इतिहासकार बताते है कि पहले इस किले को मुरंजन किला कहा जाता था लेकिन शिवा जी के शासन काल में शिवा जी ने स्वयं ही इस किले का नाम रानी कलावंती के नाम पर इसका नाम रख दिया था |

इस किले की ऊंचाई कितनी अधिक है इस बात का अंदाजा इस तरह ही लगाया जा सकता है कि इस किले की चोटी पर चढ़ने के बाद आपको आस-पास के कई किले दिखायी पड़ने लगते है और इस किले से मुंबई का कुछ हिस्सा भी दिखायी पड़ने लगता है |

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