भारत के वह स्थान जहां पर आज भी आप बिना परमिट के नहीं घूम सकते हैं, लेकिन यही है दुनिया के सर्वाधिक खूबसूरत और रोमैंटिक प्लेसेस

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भारत वर्ष एक बेहद विशाल राष्ट्र है | अगर हम क्षेत्रफल की द्रष्टि से बात करें तो यह दुनिया का सातवाँ सबसे बड़ा और अगर हम इसे जनसँख्या कि द्रष्टि से आंकते है तो यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मुल्क है | भारत के बारे में प्राचीन काल से ही कहावत रही है कि, ‘कोस-कोस पर बदले पानी और चार कोस पर बानी |’ यही कारण है कि भारत को विविधताओं से भरा हुआ देश माना जाता है |

भारत में दुनिया के हर देश के जैसा वातावरण आपको मिल जाएगा | यदि आप कही गर्मी में जाना चाहते है तो आपको किसी भी महीने में यहाँ आपको गर्मी का एहसास हो सकता है लेकिन यदि आप सर्दियों का एहसास करना चाहते है तो इस देश में बहुत से ऐसे स्थान भी है जहां पर आपको साल के बारह महीने सर्दी का भी आनंद मिल सकता है | बरसात के साथ भी बिलकुल ऐसा ही है |

लेकिन भारत के इन खूबसूरत स्थानों में से कुछ ऐसे भी इलाके है जहां पर जाने के लिए आपको स्पेशल परमीशन लेनी पड़ती है | ऐसा इसीलिए क्योंकि यह स्थान दुसरे देशों की सीमाओं से जुड़े हुए होते है | ऐसे में यहाँ के स्थानीय लोगों के अलावा सभी के ऊपर यह कानून लागू होता है कि आप यदि इस इलाके को देखना चाहते है तो आपको इनर लाइन परमिट की आवश्यकता पड़ेगी |

क्या होता है इनर लाइन परमिट –
आपको बता दें कि इनर लाइन परमिट एक ऐसा दस्तावेज होता है तो ऐसे स्थानों पर जाने की अनुमति प्रदान करता है जो साधारण ब्यक्तियों के लिए खुले नहीं होते है | यह परमिट आपको एक निश्चित समय और सीमा के भीतर के लिए दिया जाता है | आज मुख्यतः इस परमिट की आवश्यकता भारत के केवल 3 राज्यों में ही पड़ती है | यह राज्य है मिजोरम, नागालैंड और अरुणांचल प्रदेश |

नागालैंड की राजधानी कोहिमा में पड़ती है आवश्यकता –
एशिया में स्विट्जरलैंड के जैसी सुंदरता वाला एकमात्र शहर है नागालैंड की राजधानी कोहिमा | एक ऊँचे पहाड़ के ऊपर बसा हुआ दुनिया के कुछ सबसे खूबसूरत शहरों में से एक है | यह क्षेत्र नागा जनजाति के लोगों का है | कोहिमा में भी बाहरी टूरिस्टों को इनर परमिट की आवश्यकता पड़ती है |

मणिपुर की लोकतक लेक –
भारत के उत्तरपूर्व में स्थित मणिपुर की इस सबसे खूबसूरत झील जिसे भारत के उत्तरपूर्व में स्थित सबसे खूबसूरत झील भी कहा जाता है को देखने के लिए भी इनर लाइन परमिट की आवश्यकता पड़ती है | बता दें कि इस झील की सबसे बड़ी खासबात यह है कि झील में कई जगह पर भूखंड के टुकड़े तैरते हुए दिखाई देते हैं, जिनमें पानी भरा हुआ होता है | इन टुकड़ों को फुमदी के नाम से जाना जाता है, जो मिट्टी, पेड़-पौधों और जैविक पदार्थों से मिलकर कठोर संरचना में बने होते हैं | अपने अनोखेपन के कारण ये झील लोगों को खूब आकर्षित करती है |

आइजोल –
मिजोरम की राजधानी आइजोल में कई ऐसे स्थान है जिन्हें प्रकृति ने असीम सुंदरता से नवाज़ा है | इन्हें देखने के लिए देश और परदेश से अनेकों-अनेक टूरिस्ट हर साल इस इलाके में आते है लेकिन आपको बता दें कि मिजोरम की राजधानी आइजोल के इन बेहद खूबसूरत स्थानों में से कई को देखने के लिए इनर लाइन परमिट की आवश्यकता पड़ती है |

चांगुलेक सिक्किम –
चांगुलेक सिक्किम में एक ऐसी झील है जिसके बारे में आपको बता दें कि सर्दी के मौसम यह झील हमेशा पूरी तरह से ज़म जाती है | पूरी की पूरी झील बर्फ की बेहद कठोर चादर ओढ़ कर सो जाती है और कुछ महीनों के बाद गर्मियों में ही यह पुनः जल बनती है | बता दें कि इस स्थान को भी देखने के लिए टूरिस्टों को इनर लाइन परमिट को लेने की आवश्यकता पड़ती है |

जीरो अरुणांचल प्रदेश –
भारत और तिब्बत के बॉर्डर पर स्थित देश का उत्तर पूर्वी छोर का यह एक ऐसा राज्य है जो कि चीन से टच होता है | इसे हम एक बेहद सेंसटिव जोन भी कह सकते है | लेकिन इस प्रदेश में कई ऐसे स्थान है जो बेहद खूबसूरत है और पूरी दुनिया से लोग इन्हें देखने के लिए आते भी है | लेकिन हम आपको बता दें कि बिना इनर लाइन परमीशन के कोई भी ब्यक्ति यहाँ न ही घूम सकता है और न ही कुछ देख ही सकता है |

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