शिक्षकों का सम्बद्धीकरण पहुंचा निदेशक के दरबार

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रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के सम्बद्धीकरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पहले डायट प्राचार्या ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक से सम्बद्धीकरण की स्वीकृति लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी का आदेश निरस्त कराया। अब बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी एनसीआरटी निदेशक से शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के क्रम में सम्बद्धीकरण निरस्त करने की गुहार लगाई है।

बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों के आठ शिक्षकों को लगभग डेढ़ दशकों से परिषदीय विद्यालयों के ही शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तभी से वह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में अपनी सेवायें दे रहे हैं और अपने मूल विद्यालय में कभी भी इन लोगों ने शिक्षण कार्य नहीं किया, जिसके लिये इनकी नियुक्ति की गई थी। वर्तमान बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इसे विभागीय नियमों के विरूद्ध मानते हुये इनका सम्बद्धीकरण निरस्त करते हुये इन्हें मूल विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने के आदेश जारी कर दिये थे। इसी आदेश के विस्द्ध डायट प्राचार्या ने निदेशक की संस्तुति के बाद इनमें से चार शिक्षक क्रमशः मुदिता बाजपेयी, चंदना गोस्वामी, राजेंद्र वर्मा एवं अविवेक श्रीवास्तव को सम्बद्ध रखते हुये शेष अन्य चार शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इसे अधिकारों का हनन मानते हुये स्वयं निदेशक एनसीआरटी से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने निदेशक को लिखे पत्र में विभागीय नियमों का हवाला देते हुये इस बात का भी उल्लेख किया है कि शिक्षकों के विद्यालय में अनुपस्थित रहने से शैक्षिक गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने निदेशक से शिक्षकों का डायट में सम्बद्धीकरण निरस्त करने की मांग की है।

रिपोर्ट – राजेश यादव

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