अधिकारियों व डीपो मैनेजर के गठजोड़ के चलते, ज़रूरतमंदों को मिल रहा ४ की जगह १ लीटर कैरोसीन

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हसनगंज उन्नाव (ब्यूरो) : आपूर्ति विभाग के मेल से केरोसीन डिपो पर घटतौली का बडे पैमाने पर खेल चल रहा है, गांवो में पचास फीसदी ढिबरी चलाने वाले लोगो को महीने भर एक लीटर में गुजर करने की मजबूरी बनी हुई है। केऱोसीन प्रति माह कितना आवंटन है इसके लिये आपूर्ति निरीक्षक सहित डिपो मैनेजर भी सच्चाई बताने मे आना कानी करते रहते है।जिसकी हकीकत एस डी एम के निरीक्षण मे खुलकर सामने आई है।लेकिन केरोसीन डिपो के खिलाफ कार्यवाही अभी तक  अधर में लटकी हुई है।

जनपद की सबसे बडी हसनगंज तहसील में औरास डिपो विगत एक दशक से अधिक समय से हसनगंज इंडियन आयल टे्डिंग कम्पनी में अटैच चल रहा है। जिससे औरास के 62 उचित दर बिक्रेता व हसनगंज ब्लॉक के 85 कोटेदार केरोसीन का उठान करते हैं ।

कोटेदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डिपो से कब तेल मिलेगा यह मैनेजर साहब पर निर्भर करता है, जिसको तहसील के आला अधिकारी बाखूबी जानते हुये भी अनजान बने रहते हैं । डिपो पर पहले से सेट घटतौली मशीन के चलते 220 लीटर के ड्रम में किसी मे 180 तो किसी में 200लीटर केरोसीन निकलता है,  खास बात यह है कि सरकार ने केरोसीन कम कर दिया है इसका झांसा देकर एक लीटर कैरोसीन देकर कोटेदार लोगों को टरका देते हैं ।बाकी यहीं डिपो पर साँठ-गाँठ कर काला बाजारी हो जाता है है । सरकार के तेल कम करने के नाम पर कोटे दार मालामाल हो रहे हैं, यह सिलसिला बीते मार्च से लगातार चल रहा है ।

गरीब जनता को प्रतिमाह कितना कैरोसीन का आवंटन है इसकी जानकारी डिपो मैनेजर ने नहीं दी, वहीं पूर्ति निरीक्षक भी जानकारी में टाल-मटोल कर बात को टरकाते नज़र आये, जबकि एसडीएम से पूछने पर पहले उन्होंने  इंकार किया बाद में बताया अंतयोदय कार्ड धारको को चार लीटर व पात्र गृहसथी में दो लीटर कैरोसीन सरकार की और से आवंटित किया गया है । लेकिन जमीनी हकीकत मे गांव के पचास फीसदी लोगों को एक लीटर में महीने भर चलाने की मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है ।

इस घटतौली का नजारा तब सामने आया जब एसडीएम हसनगंज मनीष बंसल के द्वार बीते मंगलवार को केरोसीन डिपो का औचक निरीक्षण किया गया । जिसमें स्टॉक रजिस्टर व मशीन के सिस्टम को देखा तथा सीसीटीवी कैमरे न लगे होने की दशा में तीन दिन में लगाने के निर्देश दिये । एसडीएम ने मंगलवार को डिपो से केरोसीन ले गये नवई कोटेदार का स्टॉक देखा तो प्रत्येक ड्रम में दस-दस लीटर कम मिला, जिस पर एसडीएम मनीष बंसल ने उचित दर विक्रेता रमेश की दुकान ससपेंड करने के निर्देश सप्लाई इंस्पेक्टर को दिये, लेकिन घटतौली करने वाले डिपो के खिलाफ अभी तक किसी तरह की कार्यवाही की पुष्टि नही हो पायी है।हलांकि इसकी जानकारी के लिये एसडी एम से फोन पर बात करनी चाही तो फोन नही उठा। सप्लाई अधिकारियो की मिली भगत के चलते डिपो की घटतौली व मनमानी का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है केरोसीन सरकार से एक लीटर मिल रहा है, इस झांसे का फायदा आपूर्ति विभाग व डिपो मैनेजर उठा रहे हैं ।

रिपोर्ट – राहुल राठौड़

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