1 माह के भीतर कार्यवाही करें, अन्यथा की दशा मे दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी जिलाधिकारी

0
57


मैनपुरी (ब्यूरो)-
विकास खण्ड करहल में ग्राम विकास अधिकारी अमरपाल यादव 2006 से, नरेन्द्र सिंह यादव 2007 से, सोनवीर सिंह 2012 से, ग्राम पंचायत अधिकारी प्रमोद कुमार 2007 से, प्रदीप कुमार 2012से कार्यरत हैं इसके साथ ही कार्यालय में भी कुछ कर्मी लंबे समय से तैनात हैं। जो नियम विरुद्ध शासन की मंशा के विपरीत है।

मुख्य विकास अधिकारी स्वयं देखे और जिला विकास अधिकारी, जिला परियोजना अधिकारी के माध्यम से कार्यवाही सुनिश्चत करें। उच्चाधिकारियों द्धारा किये गये निरीक्षणों की टिप्पणी पर कोई कार्यवाही समय से नहीं की जा रही है। भविष्य में निरीक्षण टिप्पणी पर 01 माह के भीतर कार्यवाही करें, अन्यथा की दशा मे दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। सेवा निवृत्त लेखाकार के पेंशन सम्बधी प्रकरण जिला विकास अधिकारी कार्यालय मे लम्बित है,इसे तत्काल निस्तारित किया जाये, कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं, भबिष्य निधि पासबुक को अध्यावधिक कराया जाये।

अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा दैनिक डायरी भली- भांति नही भरी जा रही है, इसमे भ्रमण के दौरान न तो कार्यो का पूरा विवरण अंकित किया जा रहा है और नाही किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर, नाम का अंकन हो रहा है। दैनिक डायरी मे पूरा विवरण अंकित किया जाये।

उक्त निर्देश जिलाधिकारी यशवंत राव ने विकास खण्ड करहल के निरीक्षण के दौरान दिये। उन्होने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अम्बेडकर बिशेष रोजगार योजना मे 91 लक्ष्य के सापेक्ष 91 प़त्रावलियां बेकों मे भेजी पाई गई, परन्तु बैंकों द्वारा किसी पत्रावली पर कोई कार्यचाही नही की गई,गत बर्ष का अनुदान 05 लाख 30 हजार बेंक खातों मे पडा है, बैंकर्स की कोताही के कारण अनुसूचित जाति,जन जाति के लोगों को इस योजना का लाभ नही मिल सका।

मुख्य विकास अधिकारी स्वयं देखे और जिला अग्रिणी प्रबंधक को कठोर पत्र लिखकर बेैकर्स से लम्बित पत्रावलियों पर ऋृण वितरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होने अधिकारियों, कर्मचारियों की दैनिक डायरी का निरीक्षण करने पर पाया कि सहायक विकास अधिकारी पंचायत प्रेम चन्द्र बाथम अधिकांश समय कार्यालय पर ही रहते है, जिस कारण क्षेत्र मे कार्यो की प्रगति ठीक नही है, शौचालयों की प्रगति भी खराब है।

उन्होने एडीओं पंचायत को कठोर चेतावनी जारी करने के आदेश देते हुए कहा कि फील्ड स्टाफ बैठक के दिन ही ब्लाक पर आये, शेष दिनों मे अपने क्षेत्र मे ही रहे,यदि क्षेत्र के कर्मी कार्यालय मे मिले तो उनके विरुद्व दण्डात्मक कार्यवाही होगी।

श्री राव ने गार्ड फाईल का निरीक्षण करने पर पाया कि 20 मार्च 17 को जिला विकास अधिकारी द्वारा कार्यालय का पूर्ण निरीक्षण किया गया और उसकी निरीक्षण आख्या 12 जून को भेजी गई, परन्तु अभी तक उस पर कोई कार्यवाही नही की गई। परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी द्वारा किये गये औचक निरीक्षण की टिप्पणी भी गार्ड फाइल मे चस्पा नही मिली, इस पर उन्होने लेखाकार इन्द्रपाल सिंह को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिये।

उन्होने शिव चन्द्र पत्रवाहक की सेवा पुस्तिका में वर्ष 2016-17 में 32 दिन का अर्जित अवकाश दर्ज पाया जबकि वर्ष में 31 दिन का ही अर्जित अवकाश दर्ज होना चाहिए। उन्होने गा्रम विकास अधिकारी अनुराग यादव की भविष्य निधि पुस्तिका में मार्च 2017 तक अंकन पाया परन्तु विगत 03 वर्षों से पासबुक का सत्यापन नहीं कराया गया है इस पर उन्होने गलत प्रविष्टियों को तत्काल ठीक कराने,सभी कर्मियों की जी.पी.एफ. पासबुक अध्यावधिक कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होन विकास खण्ड के 07 बेंक खातों मे काफी धनराशि जमा पाई। खाता सं. 7723, जो 20 मई 17 तक अपडेट था,मे 20 लाख 81 हजार रू. जमा पाया। जानकारी करने पर बताया कि विकास खण्ड मे होने वाले विकास कार्यो,कार्यालय मद मे उक्त धनराशि प्राप्त हुई है।

रिपोर्ट- दीपक शर्मा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here