एसपी सिटी अजय सिंह के निर्देशन में अशोक व नरेश की जोड़ी ने किया एक और बड़ा खुलासा

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देहरादून : उधारी के पैसे न दे पाने पर बीते साल अगस्त माह में संदिग्ध हालत में गुमशुदा युवक को पुलिस ने दबोच लिया। बताया जा रहा है कि युवक के गुमशुदा होने पर परिवार वालों से उसका साथ दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

नगर पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि गत वर्ष 20 अगस्त को रामकृष्ण पान्थरी निवासी शिवपुरी कॉलोनी, प्रेमनगर, देहरादून ने प्रेमनगर थाने में पुलिस को सूचना दी कि मेरा पुत्र दिनेश चन्द पान्थरी उम्र करीब 34वर्ष 19 अगस्त की रात 9.00 बजे अपने तीन दोस्त नितेश, बबलू और बाबा के साथ घर से निकला। उसके बाद रात लगभग साढे ग्यारह बजे घर की गली मे उसको छोड दिया। जबकि दिनेश घर नही पहुंचा। देर रात तक राकेश की तलाश के बाद भी वह नही मिला। रामकृष्ण की इस सूचना पर पुलिस द्वारा गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया गया।

देहरादून एसएसपी स्वीटी अग्रवाल के निर्देश में मामले के जांच के लिए एक टीम का गठन किया। पुलिस टीम की कड़ी मशक्त के बाद पता चला कि गुमशुदा दिनेश पान्थरी स्वयं अपनी मर्जी से कही चला गया है। पुलिस ने बताया कि दिनेश के परिजनों के द्वारा थाने में जमकर हंगामा भी किया गया। दिनेश पान्थरी कमेटी का काम किया करता था। जिसके चलते इस पर कई लोगों का मोटा पैसे की देनदारी हो गयी। जिसकी पूरी जानकारी उसके परिजनों को थी।

नगर पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि अपने बेटे को कर्जदारों से बचाने के लिए उसके परिजनों ने उसके तीनों दोस्त नितेश,बबलू व बाबा के खिलाफ अपहरण का आरोप लगाकर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस के लगातार तलाश के बाद पता चला कि दिनेश पान्थरी वर्तमान में मुम्बई में किसी होटल में वेटर का काम कर रहा था। इस सूचना पर पुलिस टीम ने गुमशुदा दिनेश को होटल से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की पूछताछ में दिनेश पान्थरी ने बताया कि वह दूध डेरी का कार्य करता था। और साथ ही कमेटी का काम भी कर रहा था। उसने बताया कि कमेटी के काम मे नुकसान होने के कारण उसे करीब 50 लाख रूपये का कर्ज हो गया था। जिसके लिए लोग बार-बार उसे बोलते थे। लोगों के कर्ज और दबाव से बचने के लिए दिनेश ने देहरादून से गायब होने का मन बनाया।

जिसके लिए वह 19 अगस्त की रात को कुमार स्वीट शॉप से एक ट्रक मे बैठकर सभावाला पर शिमला बाईपास चौक पर उतरा और वहां से फिर ट्रक में बैठकर आईएसबीटी देहरादून पहुंचा यहां से दिल्ली की बस में बैठकर दिल्ली चला गया। उसके बाद वह नई दिल्ली से ट्रेन का टिकट लेकर मुम्बई पहुंचा। मुम्बई वह दो तीन दिन इधर उधर घूमता रहा। कुछ दिनों बाद उसे एक होटल में कैप्टन की नोकरी मिल गयी। जिसके लिए उसे शुरआती दिनों में 5 हजार और बाद में 9 हजार रूपये मिलते थे।

पुलिस ने बताया कि दून से गायब होने के दो महीने बाद दिनेश ने अपने परिजनो से पत्राचार के माध्यम से सम्पर्क किया। जबकि उसके परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस नही दी। बल्कि जिन-जिन लोगों का पैसा इनको देना था उन लोगों से धीरे–धीरे यह लोग को पैसा वापस करने की बात करने लगे। साथ ही पुलिस पर भी दबाब बना रहे थे।

इस घटना पर नितेश शर्मा और अन्य लोगों ने आरोपी दिनेश पान्थरी और उसके परिजन रामकृष्ण, रमेश पान्थरी, नरेश पान्थरी, गणेश पान्थरी, व बच्चीराम निवासी प्रेमनगर, देहरादून के खिलाफ प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार दोपहर दिनेश पान्थरी, रामकृष्ण पान्थरी और गणेश पान्थरी को गिरफ्तार कर न्यायालय ने पेश किया।

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