मत्स्य उत्पादकता बढाने के लिए जनपद में स्थापित होंगे 10 नर्सरी

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प्रतीकात्मक

बहराइच(ब्यूरो)- वित्तीय वर्ष 2017-18 में मत्स्य विभाग द्वारा स्वीकृत राज्य पोषित तालाबों के मत्स्य उत्पादन क्षमता विकास योजनान्तर्गत 1.00 हेक्टेयर या उससे बड़े तालाबों की मत्स्य उत्पादन क्षमता विकास के लिए तालाब स्थल पर 0.10 हेक्टेयर में नर्सरी निर्माण कर जीरा आकार के मत्स्य बीज संचय एवं उनका पोषण कर बड़े आकार की मत्स्य अंगुलिका तैयार कर मुख्य तालाबों में संचय करते हुए तालाबों की मत्स्य उत्पादकता बढाने के लिए जनपद में में 10 नर्सरी की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इच्छुक व्यक्ति 15 दिवस के अन्दर विकास भवन, सरस शो-रूम स्थित सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय अथवा मो.न. 9838848039 से सम्पर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।

यह जानकारी देते हुए मत्स्य पालक विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरके गोंड ने बताया कि निजी क्षेत्रों के मत्स्य पालकों को वरीयता दी जायेगी। मानक के अनुरूप निजी मत्स्य पालक के अनुपलब्धता की स्थिति में ऐसे तालाबों के पट्टा धारकों का चयन किया जायेगा जिनकी पट्टा अवधि न्यूनतम तीन वर्ष अवशेष है। इसके अलावा ऐसे लाभार्थी जो विगत चार वर्षों में यूपी डास्प अथवा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (एकीकृत मत्स्य पालन) के अन्तर्गत संचालित परियोजनाओं से लाभान्वित न किये गये हों, चयन के लिए अर्ह होंगे। परियोजना की लागत इकाई रू. 0.50 लाख होगी जिसमें परियोजना के माध्यम से 50 प्रतिशत अनुदान एवं लाभार्थी द्वारा 50 प्रतिशत ब्यय भार का बैंक ऋण अथवा स्वयं के संशाधन से वहन किया जायेगा।

रिपोर्ट- राकेश मौर्या

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