धीरे-धीरे पत्थर का बनता जा रहा है 11 साल का बच्चा

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काठमांडू – दुनिया में आज भी ऐसी-ऐसी अजीबो गरीब बीमारियाँ मौजूद है जिनका इलाज अभी भी संभव नहीं हो सका है | ऐसी ही एक बिमारी ने नेपाल के एक 11 वर्षीय बच्चे को धर लिया है | नेपाल के रहने वाले 11 साल के रमेश को एक ऐसी बिमारी ने जकड लिया है कि यह छोटा सा बच्चा धीरे-धीरे पत्थर की मूर्ति बनता जा रहा है | रमेश के माता पिता का कहना है कि जब रमेश पैदा हुआ था तब वह भी बिलकुल नार्मल बच्चों की ही तरह था लेकिन जन्म के मात्र 15 दिन के बाद ही बच्चे को किसी बिमारी ने जकड लिया और उसके शरीर पर काले-काले निशाँ पड़ने लगे | उन्होंने बताया है कि धीरे-धीरे बिमारी बढती गयी और बाद में हालत यह हो गयी कि मेरे बच्चे को चलने-फिरने उठने बैठने हर चीज में दिक्कत होने लगी और बाद में यह सब एकदम बंद हो गया |

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जब रमेश 6 साल का था तभी से वह चल फिर नहीं पाता है –
रमेश के माता-पिता ने कहा है कि जब रमेश मात्र 6 साल का हुआ था तभी से वह चलने फिरने में बिलकुल असमर्थ हो गया था | उन्होंने कहा कि, बचपन में वह एकदम नार्मल बच्चों की ही तरह से चलता फिरता था, बोलता हँसता, रोता था लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ा हुआ उसकी एक के बाद एक क्षमता समाप्त होती गयी और जब वह 6 साल की उम्र तक पहुंचा उसने चलना फिरना एकदम बंद कर दिया | रमेश की इस बिमारी के चलते उसके साथ के बच्चे उससे डरने लगे उसका कभी कोई दोस्त ही नहीं बना | हमेशा उसे अकेले ही अपना जीवन ब्यतीत करना पड़ा |
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डाक्टरों ने इस बीमारी का नाम इक्थियोसिस दिया है –
रमेश को जो दुनिया की सबसे दुर्लभ बीमारी हुई है डाक्टरों ने उस बीमारी का नाम इक्थियोसिस दिया है | डाक्टरों का कहना है कि अभी तक इस बिमारी का कोई सॉलिड इलाज नहीं मिल सका है फिर भी हम रमेश को ठीक करने की पूरी कोशिस कर रहे है | डाक्टरों का कहना है कि जब रमेश को यहाँ लाया गया था उसकी हालत बेहद गंभीर थी लेकिन अब उसे सही इलाज दिया जा रहा है जिसके चलते वह धीरे-धीरे थोडा बोलने लगा है | रमेश का इलाज कर रहे डाक्टरों का कहना है कि उन्होंने रमेश के शरीर कि जो स्किन डेड हो गयी थी उसे काटकर निकाल दिया है | जिसकी वजह से आशा की नई किरण जगी है और हम कह सकते है कि वह कुछ दिनों में ठीक हो सकता है |

बहुत ही गरीब है माता-पिता –
रमेश के माता-पिता बेहद गरीब है | रमेश के पिता नंदा बताते है कि वे नेपाल में ही मजदूरी का काम करते है | पूरे महीने कठिन मेहनत करने के बाद वे ज्यादा से ज्यादा 7 हजार रूपये ही कमा पाते है | ऐसे में उस पैसे से उनका बेटे का इलाज कराना बिलकुल असंभव सा हो गया था | उन्होंने कहा है कि हम बस अपने बेटे को तडपता हुआ देखने पर मजबूर हो गए थे | हमारे पास इसके अलावा और कोई भी विकल्प नहीं था |
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सोशल मीडिया के जरिये वीडियो देख ब्रिटिश सिंगर जॉस स्टोन करा रहे है इलाज-
बता दें कि रमेश के माता-पिता अपने बेटे का इलाज कराने की आशा ही छोड़ चुके थे लेकिन एक दिन अचानक से सोशल मीडिया उनके लिए भगवान् बन गया | ब्रिटेन के एक सिंगर जॉस स्टोन ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रमेश की वीडियो को देखा जिसके बाद उन्होंने तुरंत ही नेपाली सिंगर संजय श्रेष्ठा को ईमेल किया और उनसे कहा कि मै एक चैरिटी कॉन्सर्ट करना चाहता हूँ | उसके बाद नेपाली सिंगर संजय ने उन्हें रमेश की एक और वीडियो भेजी जिसे देखने के बाद जॉस स्टोन ने हां कर दिया | उसके बाद इसके लिए एक कॉन्सर्ट आयोजित किया गया जिससे 1,375 पाउंड इकट्ठा किए गए हैं |

अब काठमांडू मेडिकल कॉलेज में चल रहा है इलाज –
7000 रूपये महीने कमाने वाले नंदा के बेटे के लिए सोशल मीडिया एकदम से भगवान् की तरह से सामने आया | ब्रिटेन के एक सिंगर जॉस स्टोन ने जो भी पैसा 1375 पौंड इक्कठा किया था उन्होंने वह सब रमेश के इलाज के लिए दे दिया | जिसके बाद अब रमेश का इलाज काठमांडू के मेडिकल कॉलेज में चल रहा है | रमेश के माता-पिता की इच्छा है कि जल्द ही शायद वे अपने बच्चे को चलता-फिरता, हँसता-रोता देख पायेंगे | उन्हें आशा है कि उनका बेटा भी एक नार्मल बच्चे की तरह से जिंदगी बिता पायेगा |
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