बलिया के मालवीय की मनाई गयी 118वीं जयंती

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बलिया (ब्यूरो)- बलिया हिन्दी प्रचारिणी सभा द्वारा गुरूवार को बलिया के मालवीय पं0 श्याम सुन्दर उपाध्याय की 118वीं जयंती धूमधाम से मनायी गयी। समारोह के मुख्य अतिथि जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति योगेन्द्र सिंह रहे। डॉ0 रघुवंशमणि पाठक ने अध्यक्षता की और डॉ0 शत्रुघ्न पाण्डेय ने संचालन किया। प्रो0 रामसुन्दर राय के वाणी वदन से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। तबले पर संगत इमामुद्दीन खाँ ने की। संचालन का शुभारम्भ करते हुए डॉ0 शत्रुघ्न पाण्डेय ने पं0 श्याम सुन्दर उपाध्याय के कृतित्व व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए कहा कि पंडित जी जैसा व्यक्ति मैंने अपने जीवन में नहीं देखा। इस अवसर पर पंडित जी के परिवार के सदस्य महेश्वर शरण उपाध्याय, ईश्वर शरण उपा0, चि0 पीयूष उपा0, श्रीमती मीरा तिवारी, ओंकार उपाध्याय, प्रमोद उपाध्याय आदि उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि कुलपति योगेन्द्र सिंह जी ने इस अवसर पर पं0 श्याम सुन्दर उपाध्याय का भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि बलिया की धरती तपोभूमि एवं क्रांति भूमि के समक्ष मैं नत शिर हूँ। शिक्षा के बिना किसी की उन्नति नहीं हो सकती। इसके लिए उन्होंने स्तुत्य प्रयास किया। उन्होंने कहा कि मैं अपने को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि इस तपोभूमि पर शिक्षा के क्षेत्र में मुझे कार्य करने का अवसर मिला है। संस्था के अध्यक्ष डॉ0 रघुवंशमणि पाठक ने मुख्य अतिथियों के साथ सभागार में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया और उपाध्याय के कृतित्व की चर्चा करते हुए कहा कि वे सचमुच महान थे। दूसरों के लिए शरीर धारण किया था। सांसद भरत सिंह ने कहा कि यह जनपद उपाध्याय का और उनके परिवार का सदा रहेगा। इस अवसर पर विधायक आनन्द स्वरूप किये। ओंकार उपाध्याय जो सह संयोजक है, पूरे कार्यक्रम को मूर्त रूप देने में अथक प्रयास किया। सभा के मंत्री शिवजी पाण्डेय एवं प्रबंध मंत्री विजय मिश्र ने अपने विचार व्यक्त किये। पत्रकार अशोक जी के साथ जनपद के संभ्रान्त नागरिक उपस्थित रहे।

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