150 बीघे जमीन व दो और आशियाने घाघरा में समाए

0
110

बौण्डी/बहराइच (ब्यूरो) गुरुवार को घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर हो गया। घाघरा खतरे के निशान को छूने को बेताब है। लाल निशान से महज एक मीटर नीचे जलस्तर बह रहा है। मुहाने पर बसे आधा दर्जन गांवों में कटान जारी है। 50 बीघा कृषि योग्य भूमि व दो आशियानें घाघरा की धारा में और समा गए। कटान के भय से नदी के मुहाने पर बसे गांवों के लोग घरों व छप्परों को उजाड़ कर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। गोलागंज, कोरियनपुरवा व कायमपुर बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं। बाढ़ व कटान को लेकर ग्रामीणों की धुकधुकी बढ़ गई है। 1 कायमपुर के प्राथमिक विद्यालय का शेष बचा शौचालय भी नदी में समा गया।

बौंडी क्षेत्र के गोलागंज, जर्मापुर, कायमपुर, पिपरिया, चिरईपुरवा व पचदेवरी गांवों को नदी निशाना बनाये हुए है। गोलागंज की सावित्री देवी, जनार्दन सिंह, शीतला सिंह, राज बहादुर सिंह, शारदा सिंह, कल्यान सिंह, छीलई, गोपाल, बाबू, शंकर, लल्लन, दीनदयाल व सुरेश की 50 बीघे जमीन नदी में कट गई। इसी गांव के पृथ्वीराज व कायमपुर गांव के खादिम के कच्चे मकान नदी में कट गए। घूरदेवी स्पर पर शाम 4 बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 112.150 मीटर के सापेक्ष 111.150 मीटर रिकार्ड किया गया । तहसील प्रशासन की तरफ से कोई राहत व बचाव कार्य की पहल नहीं की गई। मानसूनी बारिश शुरू होने के बाद घाघरा उफान पर आ गई है। गुरुवार को गोलागंज, कायमपुर व कोरिनपुरवा गांवों के चारों ओर नालों व निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। लगातार बारिश होने से जलस्तर बढ़ रहा है। घाघरा की कटान को देखते हुए ग्रामीण पेड़ों को काट कर लकड़ियां एकत्र करने में पसीना बहा रहे है। खेतों की कटान तेज होने से लगे पेड़ धारा में बह जा रहे है। हरियाली के लिए लगाए पेड़ों को लोग मजबूरी में खुद काटने को मजबूर है। शाम पांच बजे तक घाघराघाट स्थित एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.516 मीटर पर बह रहा था। केंद्रीय जल आयोग के मापक जय किशन ने बताया कि घाघरा का जलस्तर एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। घाघरा नदी के खतरे का निशान 106.070 है। खतरे के निशान से घाघरा 514 सेमी नीचे बह रही है। घाघरा नियामतपुर के पास बने मंदिर को भी काट रही है।

रिपोर्ट – राकेश मौर्या

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here