कुएं में गिरने से 18 वर्षीय किशोरी की मौत, बचाने गए 50 वर्षीय अधेड़ की भी हुई मौत

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वाराणसी (ब्यूरो) वाराणसी के ग्राम ठटरा, पुलिस स्टेशन मिर्जामुराद के अंतर्गत 08 जुलाई लगभग दोपहर 0245 बजे गांव की 18 वर्षीया किशोरी रूबी दुबे पिता विनोद दुबे नहाते समय फिसलकर कुँए में जा गिरी और डूबने लगी, एकाएक नजदीक खड़े 50 वर्षीया कृपा दुबे ने लड़की को बचने के इरादे से कुँए में छलांग लगा दी जिससे वो दोनों ही डूबने लगे ।


तत्काल ही वाराणसी से एनडीआरएफ की 15 सदस्यीय एक टीम इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार पांडेय के नेतृत्व में सभी जरूरी उपकरणों के साथ घटनास्थल की ओर रवाना हुयी । घटनास्थल पर पहुंच कर टीम ने घटना का जायजा लेते हुए अपने विशेष उपकरणों की सहायता से सबसे पहले गोताखोर को उतारा । कुँए की गहराई लगभग 100 फ़ीट थी जिसमें अंदर जाने पर पता चला कि कुँए में मीथेन गैस निकल रही थी | विदित है कि मीथेन गैस एक अत्यंत ज्वलनशील गैस होती है, जो कि थोड़ी सी चिंगारी में ही आग पकड़ लेती है| जिससे रेस्कुएर कि जान को भी खतरा हो सकता है, एनडीआरएफ के गोताखोर को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, तत्पश्चात गोताखोर को ऑक्सीजन सिलिंडर व मास्क लगा कर गहरे कुंए में उतरा ।

कुए में गैस के रिसाव के कारण किसी भी प्रकार की लाइट ले जाना खतरे से खाली नहीं है | जिससे एनडीआरएफ के रेस्कुएर की जान भी जा सकती थी, पर अपनी जान की परवाह न करते हुए गोताखोर ने अँधेरे में ही दोनों डूबे हुए पीड़ितों को निकलने का कार्य किया । यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण और मीथेन गैस के जोखिम से भरा हुआ ऑपरेशन था, जिसे टीम कमांडर इंस्पेक्टर धर्मेंद्र पांडेय ने अपनी सूझ-बूझ और गोताखोरों की बहादुरी से दोनों शवों को कुँए से बाहर निकाल कर मौजूदा पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया । एनडीआरएफ की अद्भुत कार्यशैली और कौशल को देखते हुए जिलाधिकारी वाराणसी और स्थानीय लोगों ने एनडीआरएफ के रेस्कुअर्स की सराहना की ।

रिपोर्ट – रविंद्र नाथ सिंह

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