1953 में आज़ाद हिन्द फ़ौज और इंडियन इंडिपेंडेंस लीग का पैसा पाक के साथ साझा करने को राजी थे पंडित नेहरु…

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मंगलवार को सरकार ने जारी की गयी 27 अन्य फाइलों को सार्वजनिक कर दिया है, इन फाइलों के मुताबिक़ सन् 1953 में पंडित नेहरु के कार्यकाल के समय पंडित नेहरु की सरकार स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की आज़ाद हिन्द फ़ौज के और इंडिया इंडिपेंडेंस लीग के खजाने को पाकिस्तान के साथ साझा करने को राजी हो गयी थी |

पूर्व प्रधानमन्त्री पंडित नेहरु ने बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री बी. सी. रॉय को पत्र इस बात की सूचना भी दी थी और उसी पत्र से इस बात का खुलासा हुआ है |

पश्चिम बंगाल विधानसभा ने नेता जी और आज़ाद हिन्द फ़ौज की ओर से छोड़े गए कोष की जांच के लिए कदम उठाने के लिए एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से इस विषय में कदम उठाने को कहा था जिसके जवाब में पंडित नेहरु ने पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र लिखकर कहा सुदूर पूर्व में अंतिम युद्ध की समाप्ति के तुरंत बाद सोने गहने और कुछ अन्य कीमती सामन INA और IIL के अधिकारियों एवं अन्य से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में जब्त किया गए थे |

पत्र में कहा गया कि इन संपात्तियों को कस्टोडियन ऑफ़ प्रॉपर्टीज की ओर से सिंगापुर में रखा गया था, और 1950 में सिंगापुर सरकार की ओर से दी गयी सूचना के मुताबिक इन संपत्तियों का मूल्य 1,47,163 स्ट्रेट्स डॉलर आँका गया था, स्ट्रेट्स डॉलर ब्रिटेन की बस्तियों की मुद्रा थी, पत्र के अनुसार पुनर्मूल्यांकन के कारण संपत्तियों का वास्तविक मूल्य आंकना मुश्किल था |

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