शिक्षण संस्थानों में 28 मई को मनाई जाएगी, स्वतंत्रता सेनानी महावीर प्रसाद महतो की 21वीं पुण्यतिथि

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गोविंदपुर:  आरएस मोड कॉलेज, गोविंदपुर प्लस टू हाई स्कूल, उच्च विद्यालय गोसाईंडीह, प्राथमिक विद्यालय तिलाबनी, कस्तूरबा गांधी आश्रम गोसाईंडीह समेत कई शिक्षण संस्थानों के संस्थापक स्वतंत्रता सेनानी महावीर प्रसाद महतो की २१ वीं पुण्यतिथि २८ मई को मनायी जायेगी। चालीस के दशक में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महावीर प्रसाद महतो का इस क्षेत्र में आगमन भी महज एक संयोग था। जयनगर(मधुबनी) से ७ नवंबर १९४५ को जब उका पदार्पण हुआ, तब गोविंदपुर प्रखंड शिक्षा के क्षेत्र में एकदम पिछड़ा हुआ था। इसी पिछड़ेपन को दूर करने के संकल्प के साथ गोसाईंडीहगांव में आशियाना बसाया। गोसाईंडीह में ही जनसहयोग से कस्तूरबा गांधी आश्रम की नींव रखी, जो कालांतर में राजनीतिक गतिविधियों का साक्षी बना। समय के साथ-साथ यह आश्रम राजनीति से अधिक जनचेतना का संवाहक बन गया। पहले तो उसमें उच्च बुनियादी विद्यालय खुला। फिर आदिवासी छात्रावास की स्थापना तथा चरखा समिति का गठन किया गया।

२३ फऱवरी १९२३ को जन्मे स्व महावीर महतो छात्र जीवन में ही आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। इससे उनकी  शिक्षा अधूरी रह गयी। वे गांधी जी से अद्यधिक प्रभावित थे। यह प्रभाव इस कदर था कि उन्होंने आजीन गांधी जी की तरह एक ही धोती धारण किया। यही कारण था कि लोग उन्हें कोयलांचल का गांधी कहकर पुकारने लगे। १५ अगस्त १९७२ को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान के लिए राष्ट्र की ओर से दिल्ली में ताम्र पत्र से सम्मानित किया। १९८४ में राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने पदक व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया था। वे अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आदिम जाति सेवक संघ के सचिव, धनबाद जिला पंचायत परिषद के अध्यक्ष, विनोभा भावे विश्वविद्यालय के आजीवन सिनेट सदस्य आदि पदों पर रहे।सामाजिक संस्था नागरिक समिति ने उच्च विद्यालय गोसाईंडीह में उकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की है। इसका लोकार्पण तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष सीपी सिंह ने किया था। धनबाद में महावीर गैस एजेंसी का संचालन उ्हीं के नाम पर हो रहा है। झारखंड कल्याण मंच हर साल गोसाईंडीह स्कूल में उनकी पुण्यतिथि पर समारोह का आयोजन करता है।

रिपोर्ट- गणेश कुमार 

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