कर्जमाफी: सुलतानपुर में 48% खाते आधार से जुड़े, आधार वालों को ही मिलेगा लाभ

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सुलतानपुर ब्यूरो- उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कर्ज माफी के लिए बैंक कर्मियों की ओर से किसान ऋण मोचन पोर्टल पर डाटा फीड करने का काम सोमवार को भी जारी रहा। मंगलवार दोपहर एक बजे तक जिले की बैंकों की ओर से 97 प्रतिशत किसानों का डाटा फीड किया जा चुका है, पर फीड डाटा में  मात्र 48 प्रतिशत किसानों के खाते ही आधार से लिंक हुए हैं।

आधार कार्ड लिंक खाताधारकों को ही पहले चरण में कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। सरकार की मंशा है कि आधार लिंक खाताधारक किसानों को 15 अगस्त तक ऋण माफी प्रमाण पत्र दे दिया जाए। जिले में कर्ज माफी के लिए सभी बैंकों को मिलाकर 72,052 किसान चयनित किए गए हैं। मंगलवार दोपहर एक बजे तक 69,540 किसानों का डाटा फीड हो चुका था।

डाटा फीडिंग में किसानों के भूलेख, आधार और मोबाइल नंबर की फीडिंग की गई है। इनमें सबसे ज्यादा केसीसी बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक की है। इस बैंक की 79 शाखा की ओर से 54,670 में 52,103 किसानों का डाटा फीड हुआ है। दोपहर एक बजे तक इस बैंक ने 97 प्रतिशत फीडिंग पूरी कर ली थी। शेष फीडिंग रात 12 बजे तक पोर्टल बंद होने तक पूरा करने का दावा है। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने 34 शाखा की ओर से 8,341 किसानों का केसीसी बनाया है। इनमें से 8,238 (99%) किसानों का डाटा फीड हो चुका है। तीसरे नंबर पर एसबीआई के 2,708 में 2,676 में सभी खातों की फीडिंग पूरी हो चुकी है। अन्य बैंकों ने कम खाता होने से तकरीबन शत-प्रतिशत फीडिंग पूरी कर ली है। हालांकि जिले के सभी किसानों की फीडिंग 97 प्रतिशत है। इनमें मात्र 48 प्रतिशत किसानों का ही आधार नंबर लिंक है और उसकी फीडिंग हुई है। अब अन्य किसानों को कर्ज माफी के लिए दूसरे और तीसरे चरण का इंतजार करना होगा।

फिल्टर के बाद साफ होगी स्थिति-
जिला कृषि अधिकारी विनय कुमार वर्मा ने बताया कि जिले का फीडिंग कार्य तकरीबन पूरा कर लिया गया है। सारा डाटा एनआईसी के माध्यम से कृषि निदेशालय को भेजा जाएगा। जहां से फिल्टर किया जाएगा। जहां से गलत तरीके से लोन लेने वालों को सूची से बाहर कर दिया जाएगा। इसके बाद फाइनल सूची बना कर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त तक पहले चरण में किसानों को कर्ज माफी का लाभ दिया जाना है।

तीन चरणों में दिया जाएगा लाभ-
एलडीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि कर्ज माफी का लाभ तीन चरणों में दिया जाना है। पहले चरण के बाद शेष किसानों से आधार नंबर आदि मंगा कर फिर से डाटा फीडिंग का कार्य शुरू होगा। एलडीएम ने बताया कि 31 मार्च 2016 तक का अकाउंट लिया गया है। इसमें जिन खातों की फीडिंग नहीं हो पा रही है या तो वे बंद हो गए हैं, या फिर सिस्टम में कुछ खामी है। कुछ डुप्लीकेट (एक खाता दो या इससे अधिक बार) खाते हैं। इसलिए शत-प्रतिशत फीडिंग संभव नहीं हो पा रहा है।

रिपोर्ट- दीपक मिश्रा 

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