पांच दिवसीय निशुल्क योग शिविर प्रारम्भ

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दहगंवा/बदायूँ (ब्यूरो) योगपीठ हरिद्वार के तत्वधान में योगाचार्य जिला योग प्रचारक हरेंद्र सिंह आर्य के द्वारा विकासखंड दहगंवा इकाई के तत्वधान जरीफनगर में स्थित शांतिस्वरूप इंटर कॉलेज के प्रांगण में पांच दिवसीय निशुल्क योग शिविर प्रारंभ हुआ । शिविर के शुभारंभ के लिए आचार्य दुर्गेश जी जिला पंचायत सदस्य एवं प्रबंधक श्री लेख राम जी के द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया |

योगाचार्य हरेंद्र आर्य ने योग का इतिहास बताते हुए कहा की यह परंपरा अत्यंत प्राचीन हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है लेकिन वह कितनी प्राचीन है उसका प्रारंभ किसने किया और कब किया यह गहन अनुसंधान का विषय है | अत्यंत समृद्धि प्राचीन भारतीय वाडंमय के अध्ययन अनुसंधान करने पर यह बात स्पष्ट हो जाती है कि हिरण्यगर्भ यह योग के आदि प्रवक्ता है अन्य कोई नहीं | योग दर्शन महर्षि पतंजलि की रचना है इस ग्रंथ में चार पद हैं, सूत्रों की संख्या 194 है आकार की दृष्टि से यह दर्शनों में सबसे छोटा है परंतु महत्व की दृष्टि से सब दर्शनों में महान है |

योग का शब्द के अनेकार्थी इधर योगे तथा इस समाधि धातु से योग शब्द सिद्ध होता है इसका अर्थ है जुड़ना या समाधि को प्राप्त करना अर्थात आत्मा का परमात्मा के साथ जुड़ना या समाधि को प्राप्त करना समाधि को प्राप्त करने के लिए अभ्यास और वैराग्य का प्रबल साधन के रूप में महर्षि पतंजलि ने निर्देश दिया है | अलग-अलग साधकों की चित्त की स्थिति के अनुसार योग दर्शन के चारों पदों में अलग-अलग विदिशा समाधि को समाधि को प्राप्त करने के उपाय महर्षि पतंजलि के निर्देशित किए हैं, किंतु सभी विधाओं का गंतव्य अभिधा का नाश संस्कारों को दिगंत बीज करने के भगवा अब वर्क को प्राप्त करना है | इस अवसर पर भारत स्वाभिमान न्यास के ब्लॉक प्रभारी नरेंद्र आर्य जी भारत स्वाभिमान नगर प्रभारी भंवर सिंह आर्य राजकुमार जी राजेश जी उमेश पाल जी सुधीर जी सुरेंद्र जी भूदेव जी सोमबीर जी गजेंद्र जी राजपाल जी देवपाल जी राजकमल जी चंद्रकेश जी हरपाल बाबा मास्टर विजय पाल जी गौरव जी कुमारी मंजू कुंवारी शीतल कुमारी बृजेश कुमारी अनीता आदि लोग उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – प्रमोद गुप्ता

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