निष्प्रयोज्य और टूटे फूटे शौचालय मरम्मत के लिये दिए जा रहे सहायता राशि 5 हजार रुपये

श्रावस्ती (ब्यूरो) – स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराकर स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल प्रदर्शन करने के लिए बदहाल शौचालयों के मरम्मत का खाका भी प्रशासन की ओर से तैयार किया गया है। इसके तहत वर्ष 2012 से पहले बनवाए गए ऐसे शौचालय जो बदहाली के चलते निष्प्रयोज्य पड़े हैं उनकी मरम्मत के लिए पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं। काम पूरा करवाकर फोटो देने के बाद पंचायतीराज विभाग लाभार्थी को भुगतान करेगा।

श्रावस्ती के 500 राजस्व गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए हर घर में शौचालय होना जरूरी है। स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के तहत वर्ष 2012 से पहले गांव में बनवाए गए 17 हजार 977 शौचालय बदहाली के चलते निष्प्रयोज्य पाए गए हैं। पंचायतीराज विभाग की ओर से करवाए गए सर्वे में इसकी पुष्टि हुई है। निर्माण के समय में किए गए भ्रष्टाचार के चलते इनमें से कुछ शौचालय केवल नींव तक ही मिल रहे हैं तो कुछ में दीवार खड़ी है। प्रयोग के लायक एक भी शौचालय नहीं हैं। ओडीएफ का लक्ष्य पूरा करने के लिए गांवों के बदहाल शौचालयों को प्रयोग के लायक बनाना जरूरी था। इसके लिए डीएम दीपक मीणा ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन की ओर से ऐसे शौचालयों का मरम्मत करवाकर प्रयोग के लायक बनाने के लिए आठ करोड़ 98 लाख 85 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि अब दो अक्टूबर तक इन शौचालयों को चालू करना है। इसके लिए प्रति लाभार्थी पांच हजार रुपये दिए जाएंगे।वंही बदहाल शौचालयों से संबंधित ग्राम पंचायतों को पहले से चिंहित किया जा चुका है। यहां के ग्राम प्रधानों के माध्यम से लाभार्थियों को शौचालय के मरम्मत के लिए कहा गया है। प्रयोग के लायक शौचालय बनने के बाद इसकी फोटो कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद लाभार्थी को 5 हजार रुपये दिए जाएंगे।

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