आत्महत्या के दुष्प्रेरण में पति, जेठ, जेठानी को पाँच वर्ष की कैद 

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जौनपुर ब्यूरो : सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के चकवा आनापुर गांव में चार वर्षों पूर्व दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित कर विवाहिता को आत्महत्या हेतु विवश करने  के मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफ टी सी प्रथम बलराज सिंह की अदालत ने आरोपी पति, जेठ व जेठानी को दोषी करार देते हुए पाँच वर्ष  के कारावास व छः हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया।
अभियोजन कथानक के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र के मानीकला गाँव निवासी रामबली बिन्द ने स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसने अपनी पुत्री सोनबरसा की शादी फरवरी 2010 में गुड्डू उर्फ सुनील बिन्द के साथ किया था, तथा हैसियत के मुताबिक दान दहेज भी दिया था। पुत्री बिदा हो कर ससुराल गई तो परिजन दहेज में मोटरसाइकिल की माँग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। दिनांक 6 दिसम्बर 2013 को पति गुड्डू, जेठ संजय व जेठानी संगीता ने उसे मारा पीटा एवं गले में रस्सी का फंदा बनाकर लटकाकर मार डाला, जबकि उसे फोन करके बताया गया था कि सोनबरसा छत से गिरकर घायल हो गयी है। 7 दिसम्बर को वादी के पहुँचने पर उसका शव कमरे के अन्दर पंखे से लटका हुआ मिला।

 
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव ने कुल छः  गवाह परीक्षित करवाया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात आरोपी पति गुड्डू , जेठ संजय व जेठानी संगीता को भादवि की धारा 306 के अन्तर्गत आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी करार देते हुए पाँच वर्ष के कारावास व  छः हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया।

रिपोर्ट – अमित कुमार पाण्डेय 

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