बंदी हत्या मामले में जेल अधीक्षक समेत 6 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज

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सुलतानपुर (ब्यूरो)- जेल में निरूद्ध दलित बंदी की हत्या के मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद भी करीब बीस माह से लटकी कार्यवाही आखिरकार आगे बढ़ी और तत्कालीन जेल अधीक्षक समेत 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो ही गया। पुलिस ने हत्यारोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है।

मामला जगदीशपुर थानाक्षेत्र के नियामत का पुरवा मजरे दक्खिनगांव से जुड़ा है। जहां की रहने वाली अभियोगिनी केशपता के आरोप के मुताबिक एसआई मो. हाशिमी, सिपाही वंशराज यादव, विष्णु कुमार मिश्र, देवी प्रसाद पाण्डेय फर्जी मामले में उसके पति दिनेश कुमार को 29 मई 2014 की शाम उठाकर थाने लाये और जमकर उसकी पिटाई की।

इस दौरान पुलिसकर्मियों पर करीब साढ़े सात हजार रुपए ले लेने का भी आरोप है। आरोप के मुताबिक उसके पति को पुलिस ने फर्जी ढ़ंग से फंसाकर जेल भेजने की कार्यवाही की। जेल में भी जिम्मेदार अधिकारियों ने उसके इलाज में लापरवाही बरती, नतीजतन सही इलाज न हो पाने के चलते उसकी जान चली गई। इसी मामले में अभियोगिनी ने तत्कालीन जेल अधीक्षक समेत अन्य को अपनी पति की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए मुकदमा दर्ज कराने को लेकर सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी।

जिसकी अर्जी पर सीजेएम कोर्ट ने 12 अगस्त 2015 को एफआईआर दर्ज कर जांच के लिए आदेश भी दिया, लेकिन नगर की लापरवाह पुलिस अदालत के आदेश को हुए कई माह बीतने के बाद भी आरोपी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना मुनासिब ही नहीं समझा। पुलिस की इस शिथिल कार्यशैली को देखकर कोर्ट ने भी कड़ा रूख अपनाया एवं पुलिस की यह लापरवाही सुर्खियों में भी आई।

नतीजतन हरकत में आई पुलिस ने इतने लम्बे समय के बाद तत्कालीन जेल अधीक्षक, जेलर, एसआई मो. हाशिमी, सिपाही वंशराज यादव, विष्णु कुमार मिश्र, देवी प्रसाद पाण्डेय के खिलाफ भादवि की धारा 302, 504 व एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(10) के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया है। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आरोपी जेल अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के खिलाफ तफ्तीश भी शुरू कर दी है।

रिपोर्ट- संतोष यादव

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