9 फर्जी अध्यापकों से वसूले जायेंगे 29,35,130.00 रूपये

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रायबरेली/लखनऊ (ब्यूरो)- जनपद मुरादाबाद निवासी श्री अग्रवाल ने सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत जिला विद्यालय निरीक्षक, मुरादाबाद को आवेदन-पत्र देकर जानकारी चाही थी कि 09 फर्जी अध्यापकों की नियुक्ति के सम्बन्ध में विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गयी है, एवं कितनी धनराशि अध्यापकों से वसूल की जानी है | इस सम्बन्ध में क्या एफ0आई0आर0 दर्ज हुई है, आदि की प्रमाणित छायाप्रतियों सहित सूचनाएं उपलब्ध करायी जाये, मगर विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में वादी को कोई जानकारी नहीं दी गयी |

अधिनियम के तहत जानकारी न मिलने पर वादी ने राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल कर प्रकरण की जानकारी चाही है। राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने जिला विद्यालय निरीक्षक, मुरादाबाद को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 20 (1) के तहत नोटिस जारी कर आदेशित किया कि वादी के प्रार्थना-पत्र की सभी सूचनाएं वादी को अगले 30 दिन के अन्दर उपलब्ध कराते हुए, मा0 आयोग को अवगत कराये, अन्यथा जनसूचना अधिकारी स्पष्टीकरण देंगे कि वादी को सूचना क्यों नहीं दी गयी है, क्यों न उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाये।
जिला विद्यालय निरीक्षक, मुरादाबाद से श्री दाता राम उपस्थित हुए। उनके द्वारा प्रकरण के सम्बन्ध मा0 आयोग को अवगत कराया गया है कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा श्री हरेन्द्र सिंह, शैबा बनो, श्रीमती पूनम रानी, श्री मारकन्डे सिंह, श्री सुनील कुमार मित्तल, श्री देवेन्द्र सिंह, श्री कमलेश प्रताप सिंह, श्री जयपाल सिंह, श्री धीरेन्द्र कुमार की नियुक्ति हुई, सभी 09 अध्यापकों के चयन फर्जी होने के कारण इनके विरूद्ध थाना सिविल लाइन्स मुरादाबाद में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ0आई0आर0) दर्ज करायी गयी थी, तथा अध्यापकों से कुल रू0 29,35,130.00 (रू0 उन्तीस लाख, पैंतिस हजार, एक सौ तीस) उनसे वसूल किये जाने हैं, इस आशय की जानकारी प्रतिवादी ने मा0 आयोग को दी है।

प्रतिवादी की बहस सुनी गयी, चूंकि मामला जनहित से जुड़ा हुआ है। आयोग यह समझता है कि इस पूरे प्रकरण में जांच कराया जाना न्यायहित में है। इसलिए राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 18 (2) के तहत प्रकरण में जांच आरम्भ कर दी है।

इसलिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, द्वादश मण्डल, मुरादाबाद को आदेशित किया जाता है कि वादी/प्रतिवादी दोनों केे बयान कलमबन्द करते हुए, जांच से सम्बन्धित सभी अभिलेख (आख्या) अगले 30 के अन्दर मा0 आयोग के समक्ष पेश करें, जिससे प्रकरण मे अन्तिम निर्णय लिया जा सके |

रिपोर्ट- अनुज मौर्य

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