सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाला गिरोह पकड़ा गया

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हसनगंज/उन्नाव(ब्यूरो)- गाँव गाँव बेटी बचाओ, बेटी पढाओ, नेत्र दान महा दान, नशा मुक्ति की आड़ मे मकान नंबर प्लेट लगाने के नाम पर बिहार से आकर दर्जनो लोगो ने प्रति मकान मालिक से तीस-तीस रूपये वसूल लाखो रुपये लूटने का भंडा फोड हुआ| ग्रामीणो ने तीन लोगो को पकड ब्लाक प्रमुख के पास ले गये, जिस पर ब्लाक प्रमुख पति ने एसडीएम के सामने पेश कर शिकायत की। एसडीएम ने कोतवाल को एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। उक्त लोगो के पास बी डी ओ क़् जारी किया हुआ पत्र भी था जिसके आधार पर उक्त लोग फर्जीवाड़ा कर रहे थे  और ये सब बिना जाँच कराये ही कमीशन खोरी के चलते बीडीओ के पत्र पर फर्जीवाडा चल रहा था।

हसनगंज विकास खंड की 81 ग्राम पंचायतो मे 31 म ई 2017 को बीडीओ ने राजवंश शाह निवासी अजगरा थाना कुदरा जनपद कैमूर बिहार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत बेटी बचाओ, घर घर शौचालय बनवाये का नारा लिखी नंबर पलेट लगवाने से मकान की गणना, राशन कार्डो एपीएल व बीपीएल सर्वे होगी जिसके लिये तीस रूपये मकान मालिक को देना व रूपये न देने पर स्वंय जिममेदार होने का फरमान जारी किया, तथा ग्राम प्रधान, उप प्रधान , रोजगार सेवक, सफाई कर्मी, आंगनबांडी व सहायिकाओ को सहयोग करने का आदेश भी बीडीओ द्वारा जारी पत्र पर किया गया था| बीडीओ द्वारा इस आदेश को लेकर गांव-गांव बिहार से डेढ दर्जन से अधिक लोग नंबर प्लेट लगाने के नाम पर एक पखवारे से लाखो रूपये वसूल बंदर बांट हो रहा था । जिस पर दयालपुर के प्रमोद सिंह व भाजपा मंडल विनोद सिंह, हरीश महराज व धीरेंद्र सिंन्ह ने अपने साथियो के साथ नंबर प्लेट व रसीद बुक के साथ पैसा वसूलते हुए बिहार के तीन लोगो को पकड लिया और मामला बीडीओ का होने से ब्लाक मुख्यालय पर लाकर प्रमुख के पास लाये ।जिस पर ब्लाक प्रमुख पति सेवक लाल रावत ने एसडीएम को अवगत कराकर फर्जी वाडे की लिखित शिकायत की ।

एसडीएम मनीष बंसल ने मामले को संज्ञान मे लेकर बिहार के तीन लोगो को थाने भेज कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पुलिस इंस्पेक्टर को दिया है, जबकि बीडीओ सपना अवस्थी ने फर्जीवाडे की जानकारी पर बताया पत्रांक संख्या 3208 दिनांक 23 मार्च 2017 को डीएम के द्वारा आवश्यक कार्यवाही करने के आदेश पर संजय बाबू ने पत्र जारी किया था, वही बीडीओ ने अपने ही हस्ताक्षर व मुहर से अनजान होकर मुकर गयी| उधर एसडीएम ने भी बीडीओ के बिना जाँच कराये जारी पत्र को नासमझी बताकर चुप हो गये जबकि बीडीओ द्वारा जारी पत्र फर्जीवाडे को बढ़ावा दे रहा था| यदि ब्लाक के अधिकारी द्वारा ही ऐसे फर्जीवाड़े को प्रोत्साहित करने वाले पत्र जारी होते रहेंगे तब तो भ्रष्टाचार रुक चुका ।

यही हाल जिले मे चल रहे एनजीओ द्वारा आधार कार्ड बनाने के नाम पर आंगनबाडी केंद्रो पर पहुंच कर तीस-तीस रूपये की वसूली का धंधा चला रहे है। बीते मार्च महीने मे हसेवाँ की कक्षा पाँच की लडकी आराधना से रूपये न मिलने पर वापस कर दिया था। जिसकी एसडीएम से शिकायत के बाद भी कार्यवाही व जाँच ठंडे बसते चली गया और तो और एसडीएम ने खुद माना कि आधार कार्ड में पैसे पड़ते है और इन लोगो द्वारा लिए जा रहे पैसे वैध है लेकिन बाद में जानकारी करने के बाद माना कि आधार कार्ड बनवाने के लिए कोई शुल्क नही पड़ता है| योगी सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी कमीशन खोरी थमने का नाम नही ले रही है।

रिपोर्ट- राहुल राठौर 

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