एक ऐसा परिवार जिसके सारे सदस्य हैं अंधे

कन्नौज(ब्यूरो)- आँखें इंसानी जिस्म की सबसे खूबसूरत नियामत है, इंसान हो या जानवर बिना आँखों के सब की ज़िंदगी अधूरी है| अगर किसी परिवार में एक सदस्य के आँखें न हो तो पूरा परिवार परेशान हो जाता है, अगर किसी परिवार के सारे सदस्य अंधे हो तो ज़रा सोचिये उस परिवार पर क्या बीत रही होगी| उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में ऐसा ही एक परिवार है जिसके सारे लोग अंधे है पूरे परिवार में सिर्फ एक भाई की आँख सही सलामत है| आँखों के इलाज में इस परिवार की सारी ज़मीन जायदाद बिक गयी, लेकिन आँखे वापस नहीं आई| सब कुछ गवाने के बाद यह अंधा परिवार बीड़ी बनाकर अपना गुजर बसर कर रहा है|

कन्नौज के गुगरापुर ब्लाक के कुसुमखोर गाँव में फराहीम के घर चार बेटे पैदा हुए थे, गरीब फराहीम बीड़ी मजदूरी और थोड़ी बहुत खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था| बीडी मजदूरी के चलते फराहीम बीमार हो गया और इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गयी, तब उसके चारों बेटे बहुत छोटे थे छोटी उम्र में ही चारो पर घर के खर्च का जिम्मा आ गया, चारो को कोई काम नहीं आता था मजबूरी में सब घर के पुश्तैनी काम बीडी बनाने में लग गए| बीडी में आमदनी न के बराबर थी इसलिए पूरा परिवार दिनरात काम करता रहता, उनकी माँ भी बीड़ी बनाने में उनकी मदद करती थी| दिनरात काम करने से पूरे परिवार की आँखों में तकलीफ होने लगी, लेकिन रोटी की भूख के आगे उनको आँखों की तकलीफ का कोइ ध्यान नहीं रहा, दिनरात काम करने से उसके तीनों भाई और माँ को संबलबाई हो गया, इलाज के अभाव में चारों की आँखे चली गयी|

इसी बीच घर की आमदनी बढाने के लिए फराहीम का तीसरे नंबर का बेटा इब्राहीम काम करने बाहर चला गया, जब इब्राहीम घर लौट कर आया तो सब को अंधा देख उसपर दु:खों का पहाड़ टूट पडा| चारो को लेकर वह डाक्टरों के पास भी गया लेकिन कोइ फायदा न हुआ| आज हाल यह है कि न इनके पास घर है और न खेती की जमीन बची है| नेताओं और अधिकारियों के भी इब्राहीम ने बहुत चक्कर लगाए लेकिन कोई मदद न मिली, हालाँकि भाजपा नेता आकाश साक्य इस परिवार को सरकार से जल्द मदद दिलाने का दावा कर रहे है| उनका यह दावा कितना सच्चा साबित होता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि इस परिवार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ज़रूर मेहरबान होंगे|

सरकार का यह अन्धे लोगो के साथ सौतेला रवैया कियो अपना रही है| क्या डिजिटल इंडिया और हर घर मे शौचालय का सपना पूरा हो पायेगा। इन अंधे बेचारो के पास खुद का शौचालय भी नही है न ही किसी सरकारी योजनाओं का उन्हें कोई लाभ भी नही मिल पा रहा है। इस विषय पर हमने दिव्यांग समाज कल्याण अधिकारी से बात की तो उन्होंने कहा उन दिव्यांगों को सरकार की तरफ से हर सुभिड़ाह दी जाएगी| मामला मेरे संज्ञान में नही था, उनकी हर संभव मदद की जाएगी|

 

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