रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री ए. के. मित्‍तल ने राष्‍ट्रीय तकनीकी सेमिनार और प्रदर्शनी का किया उद्घाटन |

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indian-railwaysरेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री ए. के. मित्‍तल ने आज इंस्‍टीट्यूशन ऑफ परमानेंट वे इंजीनियर्स (इंडिया) (आईपीडब्‍ल्‍यूई) की ओर से आयोजित राष्‍ट्रीय तकनीकी सेमिनार और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। सेमिनार में निम्‍नलिखित विषयों पर विचार-विमर्श किए जाएंगे –

1. स्‍टेशनों के यार्ड के रखरखाव और डिजाइन निर्माण

2. नई लाइनों/दोहरीकरण परियोजना के निर्माण को तेज करना

3. आरओबी/आरयूबी के निर्माण में तेजी

इस अवसर पर रेलवे बोर्ड अध्‍यक्ष के अलावा इंजीनियरिंग रेलवे बोर्ड के सदस्‍य श्री बी.के. गुप्‍ता, सदस्‍य कर्मचारी श्री प्रदीप कुमार, उत्‍तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री ए.के. पुठिया, बोर्ड के दूसरे सदस्‍यों और रेलवे बोर्ड के वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

सेमिनार का उद्घाटन श्री ए. के. मित्‍तल ने किया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्‍होंने कहा कि रेलवे अपने प्रतिदिन के कार्यों में इंजीनियरिंग के कार्यकलापों को बेहतर बना रहा है और दिन-प्रतिदिन के कार्यों में आधुनिकीकरण और गाडि़यों के संचालन संबंधी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद सराहनीय कार्य कर रहा है।

उन्‍होंने यह भी कहा कि स्‍टेशन डिजाइन की पहली और महत्‍वपूर्ण जरूरत रेलगाडि़यों के बेहतर ढंग से आने-जाने में कुशलता लाना है। इस कार्य को रेल गाडि़यों के शुरू होने वाले स्‍टेशन से सावधानीपूर्वक योजना बनाने से बेहतर ढंग से किया जा सकता है। विभाग माल ढुलाई में कुशलता और लचीलेपन को भी सावधानीपूर्वक ध्‍यान देकर इसे बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है।

उन्‍होंने कहा कि मानव रहित क्रॉसिंग को खत्‍म करने के अलावा सुरक्षा और संचालन दोनों के लिए आरओबी/आरयूबी के निर्माण जरूरी हैं। जिन स्‍थानों पर धीमी गति से निर्माण की वजह से रूकावटें आ रही हैं, उनकी पहचान और निपटान की जरूरत है। सेमिनार में रेलवे बोर्ड के सदस्‍य इंजीनियरिंग श्री बी.के. गुप्‍ता ने भी अपने विचार व्‍यक्‍त किए। उन्‍होंने कहा कि इंस्‍टीट्यूशन ऑफ परमानेंट वे इंजीनियर्स (इंडिया) द्वारा आयोजित राष्‍ट्रीय तकनीकी सेमिनार में अपने विचार व्‍यक्‍त करना बेहद सम्‍मान की बात है।

24 बेहद व्‍यस्‍त गलियारों की पहचान की गई है और 77 परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनमें इस साल के बजट में दोहरे-तिहरे और चार लाइनों की परियोजनाएं शामिल की गई हैं। उन्‍होंने कहा कि अगले चार वर्षों में उच्‍च लक्ष्‍य तय करते हुए रेल नेटवर्क के दायरे को बढ़ाकर 14500 किलोमीटर किया जाएगा। इसके लिए सभी हितधारकों के समर्थन से यह लक्ष्‍य हासिल किया जाएगा।

इन नेटवर्कों के विस्‍तार का ज्‍यादा हिस्‍सा मौजूदा स्‍टेशन यार्ड को फिर से बेहतर बनाने से है। इसलिए संबंधित कार्यों को और तेज गति से करते हुए हमें आगे बढ़ने की भी जरूरत है।

मानव रहित क्रॉसिंग और मानव युक्‍त व्‍यक्‍त क्रॉसिंग को खत्‍म करने की दिशा में काफी काम हुआ है। इसके लिए 1400 आरओबी के निर्माण की राशि का बजट में प्रावधान है। 7500 आरयूबी पहले से ही उपलब्‍ध है। इसके लिए करीब 31000 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था की गई है। आने वाले वर्षों में आरओबी/आरयूबी के एक बड़े हिस्‍से को मंजूरी मिलने की संभावना है। हर साल करीब 1000 आरयूबी/आरओबी के निर्माण का प्रस्‍ताव है। इस तरह रेल यातायात में कम से कम रूकावटें आएं, इसके लिए आरओबी/आरयूबी के कार्यों में तेजी लाई गई है।

Source – PIB

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