एक नर्स के भरोसे 2000 आबादी का गांव

0
102

 

बेमेतरा(छत्तीसगढ़ ब्यूरो)- जनसुनवाई फाउंडेशन ने बेमेतरा के अमोरा गाँव में जनपंचायत का आयोजन किया। खुली बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में ग्रामवासियों ने जनसमस्याओं को संकलित कराया। जिला मुख्यालय से सात किमी दूर स्थित अमोरा में स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, पेयजल और मलेरिया गंभीर चुनौती बने हुए हैं।
फाउंडेशन के राज्य समन्वयक संजय कुमार मिश्रा एवं वरिष्ठ जनमित्र अमर सिंह ठाकुर की उपस्थिति में फाउंडेशन के जनमित्रों ने जनसमस्याओं का लिखित रिकॉर्ड तैयार किया। ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर इन्हें सत्यापित किया। संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि विकास सूचक 150 बिंदुओं पर एक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी तैयार की गई है, जिसे जनसमस्याओं के साथ जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में अब तक जिले के पाँच गाँवों में जनपंचायतें हो चुकी हैं।
घरों से पानी निकासी का कोई साधन नहीं है करीब दो हजार की आबादी वाले अमोरा गाँव में गंदगी के कारण लोगों को न केवल परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि मच्छरों के पनपने से मलेरिया का प्रकोप भी वे झेल रहे हैं। घरों से पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण घरों से निकला पानी गलियों में जमा हो जाता है।

पंचायत सचिव ने आश्वासन दिया है कि पंचायत निधि से नालियों के निर्माण की कार्यवाही शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि 14वें वित्त की कुल तीन लाख 47 हजार रुपये की राशि में से एक लाख 92 हजार शौचालय निर्माण मद के लिए हैं। गाँव में शौचालय निर्माण की प्रक्रिया भी काफी मंद है। गाँव में 269 बीपीएल कार्ड धारी हैं। 563 राशनकार्डधारी हैं। मनरेगा के तहत 237 लोग रजिस्टर्ड हैं। लोगों ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए भवन नहीं है। यह किराये के कमरे पर चल रहा है। यहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते हैं। केवल एक नर्स ही उपलब्ध है। इस कारण इलाज के लिए आठ किमी दूर स्थित स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है। यहां भी समुचित इलाज नहीं मिलता और अकसर दुर्ग या रायपुर जाना पड़ता है।

फाउंडेशन द्वारा इस विषय में जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया गया है। उन्होंने इस समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया है।

रिपोर्ट-संजू जैन/हरदीप छाबड़ा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here