डाक्टर अब्दुल कलाम के ऊपर लिखी हुई कविता, जरूर पढ़े

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A Group of Children  tying Rakhi to the President Dr. A. P. J. Abdul Kalam on the occasion of Raksha Bandhan in New Delhi on August 19, 2005.
A Group of Children tying Rakhi to the President Dr. A. P. J. Abdul Kalam on the occasion of Raksha Bandhan in New Delhi on August 19, 2005.

आधुनिक भारत के भगवान चले गए।
इस देश के असली स्वाभिमान चले गए।।

धर्म को अकेला छोड़ विज्ञान चले गए।
एक साथ गीता और कुरान चले गए।।

मानवता के एकल प्रतिष्ठान चले गए।
धर्मनिरपेक्षता के मूल संविधान चले गए।।

इस सदी के श्रेष्ठ ऋषि महान चले गए।
कलयुग के इकलौते इंसान चले गए।।

ज्ञान राशि के अमित निधान चले गए।।
सबके प्यारे अब्दुल कलाम चले गए।।

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नोट- इस बेहद खूबसूरत कविता का लेखक कौन हैं यह तो हम नहीं जानते हैं लेकिन यह कविता हमें व्हाट्स एप पर किसी साथी के द्वारा भेजी गयी और समाज के युवाओं के डाक्टर कलाम के सपने को पूरा करने के लिए युवाओं को प्रेरणा देने के लिए हम इस कविता को यहाँ पर उद्धृत कर रहे हैं I

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