आईटीआई में मनमाने शुल्क के आरोपों की डीआईओएस करेंगे जांच

जालौन(ब्यूरो)- आईटीआई उरई में छात्रों से तमाम अवैध वसूली के खिलाफ आज तहसील के सामने स्थित गांधी चबूतरे पर धरना प्रदर्शन कर तमाम छात्रों की शिकायत आज तहसील दिवस में की। जहां अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह ने मामले की जांच जिलाविद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल को करने के निर्देए दिए है।

आईटीआई प्रधानाचार्य एमके सिंह द्वारा सेमेस्टिर के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये की वसूली तथा प्रवेश के नाम पर छात्रों के शोषण को गंभीरता से लेते हुए छात्रों के द्वारा दिए गए ज्ञापन का तहसील दिवस की अध्यक्षता कर रहे अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने शिकायत के बिंदुओं का अद्यतन अवलोकन किया और शिकायतकर्ता छात्रों से बातचीत भी की। बताते हैं कि कथित अवैध वसूली की कथित पुष्ट शिकायतों पर एडीएम को हैरानी हुयी कि ऐसा खुला भ्रष्टाचार कैसे किया जा सकता है। जिस पर उन्होंने शिकायत की जांच जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंप दी है।

बताते हैं कि डीआईओएस से जांच रिपोर्ट शीघ्र तलब की गयी है। उधर भाजपा जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल ने आईटीआई में छात्रों के उत्पीड़न को गंभीरता से लेते हुए प्रधानाचार्य के खिलाफ मुख्यमंत्री को जानकारी देकर कार्यवाही कराने का आश्वासन दिया। प्रधानाचार्य आईटीआई उरई एमके सिंह से विभिन्न बिंदुओं पर पीड़ित छात्रों ने आज भाजपा जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल को शिकायती पत्र सौंपे। जिस पर उन्होंने भारी आश्चर्य व्यक्त किया तथा कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं और उनका शोषण तथा उत्पीड़न बर्दाश्त के बाहर है।शिकायतकर्ता छात्रों सेभाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह चिंता न करें अब उनकी यह लड़ाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लड़ेगी और इस सिलसिले में उच्च स्तर से कार्यवाही कराने का प्रयास करूंगा।

धरना प्रदर्शन वाले छात्रों की माने तो प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में मात्र 40 रुपये प्रतिमाह फीस लगती है। जिसे छात्र अपनी सुविधानुसार एक साथ अथवा 6-6 माह में जमा करा सकते हैं। यह भी बताया कि प्रवेश के समय सिर्फ तीन सौ रुपया कौशन मनी का जमा कराया जाता है तथा कोई वाहन व्यय जमा कराना अवैध है। आईटीआई उरई में जो एनसीबीटी सेमेस्टर शुल्क के नाम पर 45 सौ रुपया तथा एससीबीटी सेमेस्टर शुल्क के नाम पर 25 सौ रुपये जमा कराया जाता है वह अवैध है और आईटीआई में कोई सेमेस्टर शुल्क नहीं लगता है। भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्र गुप्ता ने उक्त तमाम सच्चाई जानकर मामले से पार्टी नेताओं को उच्च स्तर पर अवगत कराने तथा प्रधानाचार्य के विरुद्ध कठोर कार्यवाही कराने की बात छात्रों से कही है।

निर्धारित शुल्क ही वसूला जाता है-एमके सिंह
मनमाने शुल्क के विरोध में उतरे छात्रों के आंदोलन पर इस संवाददाता को आईटीआई प्रधानाचार्य ने बताया कि सामान्य वर्ग के छात्रों से डेढ हजार रुपये और अनुसूचित जाति के छात्रों से 12 सौ रुपये प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। जिसमें तीन सौ रुपये कौशन मनी, चार सौ अस्सी रुपये वार्षिक शिक्षा शुल्क और सात सौ रुपये बस का किराया लिया जाता है। इसके अलावा कोई शुल्क नही लिया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here