आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

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सुल्तानपुर(ब्यूरो)- अधिवक्ता विजय प्रताप हत्याकांड,एटीएम कार्ड की हेराफेरी कर हजारों रुपए निकालने व जानलेवा हमले के अलग -अलग मामले में चार आरोपियों की तरफ से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गई।

जिस पर सुनवाई के पश्चात जिला न्यायाधीश प्रमोद कुमार ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

पहला मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के रामनगर कोटवा से जुड़ा है,जहां के रहने वाले अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह पर कोर्ट आते समय पहले से ही घात लगाए बैठे बदमाशों ने बीते 28 अक्टूबर को ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर जानलेवा हमला किया, जिनकी इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई।

इस मामले में उनके भाई मनोज सिंह की तहरीर पर हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र सिंह मुन्ना वह उसके भाई शारदा प्रताप सिंह उर्फ राजा बाबू समेत अन्य अज्ञात लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। तफ्तीश के दौरान मोहित मिश्रा, सूरज यादव, रामअचल कोरी सहित अन्य का नाम प्रकाश में आया।

इसी मामले में आरोपी रामअचल कोरी निवासी लोखड़िया थाना कोतवाली नगर की तरफ से जिला न्यायाधीश की अदालत में जमानत अर्जी पेश की गई।

दूसरा मामला कूरेभार थाना क्षेत्र के सैदखानपुर का है।जहां के रहने वाले अभियोगी शिव शंकर ने बीते 24 मार्च की घटना बताते हुए अज्ञात लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी कर एटीएम कार्ड बदलकर 140,000/ रुपए निकाल लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।

विवेचना के दौरान आरोपी अरविंद तिवारी निवासी मनकापुर कलोनियां जिला गोंडा व शशिरंजन तिवारी निवासी अयोध्या लक्ष्मण घाट का नाम प्रकाश में आया,जिनकी तरफ से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी पेश की गई।

तीसरा मामला कादीपुर क्षेत्र के अमरेथु डडिया गांव का है।जहां के रहने वाले मनोज सिंह ने 23 मार्च 2016 की घटना बताते हुए चुनावी रंजिश के चलते गाँव के ही आरोपी उदय भान सिंह उर्फ दुखी आदि के जरिये धारदार हथियारों से लैस होकर अपने भाई पवन सिंह पर हुए जानलेवा हमले के बावत मुकदमा दर्ज कराया गया।

इसी मामले में आरोपी उदय भान सिंह की तरफ से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी पेश की गई।

तीनों ही मामलों में आरोपियों की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्कों को रखते हुए आरोपों को निराधार बताया एवं जमानत स्वीकार करने की मांग की, वही जिला शासकीय अधिवक्ता शुकदेव यादव ने आरोपियों के जरिए कारित किए गए अपराध को अत्यंत गंभीर बताते हुए जमानत पर विरोध जताया।

तत्पश्चात जिला न्यायाधीश प्रमोद कुमार पंचम ने सभी आरोपियों को राहत ना देते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

रिपोर्ट-दीपक मिश्रा

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