आरती की संदिग्ध मौत बनती जा रही है एक “गुत्थी” स्थानीय प्रशासन मौन

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बल्दीराय/सुल्तानपुर (ब्यूरो)- थाना बल्दीराय के पूरे चेत सिंह (देहली बाजार )में7अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में आरती पुत्री बद्री चौहान उम्र लगभग 22वर्ष की मृत्यु हुई ।सर्पदंश से हुई मृत्यु कहकर परिवारीजनों नें आनन-फानन में चितास्थल को बिना साफ कराये ,सफेदा व अन्य लकड़ियों से रात्रि 11बजे लाश जला दिया गया ।दो दिन पश्चात 10 अगस्त को किसी के द्वारा चौकी पुलिस को सूचना मिलती है कि फलां जगह अधजली लाश को कुत्ते नोच रहे हैं ।जानकारी के बाद पुलिस मृतका के पिता को उठाकर चौकी देहली लायी और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया ।

सूत्रों की मानें तो,आरती की मृत्यु 7 अगस्त को शायं लगभग 8.30 पर ही हो गयी थी ।अगर स्वाभाविक मौत थी तो परिजन रात्रि 11 बजे लाश क्यों जलवा दिए ? लाश जहां जलाई गई है चिता लगाने के पहले को सफाई नही की गई है और हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार चिता में आम की ही लकड़ी प्रयोग की जाती है ।जबकिजल्दबाजीमें चिता में प्रयोग की गई लकड़ी सफेदा व अन्य हैं ।और मृतका आरती के अधजले शव को  कुत्तों द्वारा नोचने की खबर फैलने के बाद, वह अधजला शव का घड़ा गायब कहां हुआ ?

बहुत सारे ऐसे राज, आरती के शव के साथ स्वाहा हो जाएँगे या कि मृतका आरती के मृत्यु का राज पर्दाफाश होगा ? यह अभी भविष्य के गर्भ में हैं जो कि भाजपा शासन में अबलाओं, बहनों माताओं, बेटियों के सुरक्षा की कसम खाने वाले नेताओं व प्रशासन के लिए खुली चुनौती है ।

रिपोर्ट – धर्मेन्द्र सिंह

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