भदोही: प्रधानमंत्री आवास में अफसरों का खेल, आवास ममता को मिला पैसा मुन्नी को दिया

0
156

भदोही ब्यूरो- यूपी के भदोही ज़िले के डीघ विकास खंड में प्रधानमंत्री आवास आवंटन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। एक शिकायत के बाद यह तथ्य निकलकर सामने आया कि एक लाभार्थी का बीपीएल सूची 2011 में नाम है। कुछ माह पूर्व वित्तीय वर्ष 2016-17 में पीएम आवास आवंटन के लिए हो रहे पंजीकरण में दूसरे व्यक्ति के खाते की फीडिंग कर दी गई। यही नही पात्रता की जांच कर उसके खाते में प्रथम क़िस्त के रूप में 40 हजार रुपये की धनराशि भी भेज दी गई। और मिली जानकारी के अनुसार 10 हजार रुपये खाते से निकाल भी लिये गए हैं।

मामला डीघ ब्लॉक के छतमी ग्राम पंचायत का है। उक्त गांव निवासी ममता देवी पत्नी पप्पू व उनके जेठ सूर्यजीत ने संयुक्त रूप से आरोप लगाते हुए कहा कि ममता देवी का नाम बीपीएल 2011 की सूची में है। कुछ माह पूर्व जब पंजीकरण और फोटोग्राफी का कार्य चल रहा था तो छतमी गांव के रोजगार सेवक प्रमोद कुमार ने उनसे रुपयों की मांग की। रुपये देने से ममता देवी ने मना क्या कर दिया, रोजगार सेवक ने ब्लॉक कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़ा खेल को अंजाम दे डाला। खुलासे के बाद पता चला कि ममता देवी के पंजीकरण के समय गांव की दूसरी महिला मुन्नी देवी पत्नी पप्पू का खाता फीड करा दिया गया और कुछ दिन पूर्व खाते में धनराशि भी भेज दी गई।

शिकायत मिलने पर बीडीओ डीघ ने खाते पर रोक लगाने का आदेश दे दिया हैं हालांकि जानकारी मिली कि बैंक में पत्र जाने से पूर्व उस खाते से 10 हजार रुपये की निकासी भी हो चुकी हैं। रोजगार सेवक ने फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि ममता देवी अपात्र थी इसलिए मुन्नी देवी का फीड करा दिया गया और उसने ये भी कहा कि इस तरह का खेल कई और आवास आवंटनों में किया गया है। अब बड़ा सवाल है कि क्या किसी लाभार्थी के अपात्र होने की दशा में उसे सूची से बाहर कर देना चाहिए या पंजीकरण के समय उसमें दूसरे का खाता फीड कर देना चाहिए? यह तो यही हुआ ना कि माल चुन्नी का हो गया मुन्नी का। यही नही सूर्यजीत का आरोप है कि रोजगार सेवक ने बड़े खेल को अंजाम देते हुए अपने दादा रामनरेश, अपनी माँ शीला देवी व अपने चाची उर्मिला देवी का नाम भी आवास की सूची में चयनित करा लिया है। इस तरह की शिकायत के बाद लगता है कि अगर ढंग से जांच की जाए तो और भी मामले संज्ञान में आ सकते हैं।

इस सम्बंध में बीडीओ डीघ श्री आजम अली ने कहा कि खाते पर रोक लगवा दी गई है। गड़बड़ियां और भी हो सकती हैं, इसलिये गंभीरता से लेते हुए छतमी सहित सभी गांवों में आवास के सूची की पुनः जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आवश्यक सुधार कर दिया जाएगा।

रिपोर्ट- रामकृष्ण पाण्डेय 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here