अबकी लोक सुराज नहीं, लोक समाधान शिविर, मौके पर होगा आवेदनों का निराकरण

0
242

raman

छत्तीसगढ़ (रा.ब्यूरो)- छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने अबकी लोक सुराज अभियान का नाम बदल दिया है। इस बार लोक समाधान शिविर लगेंगे और नाम के अनुरुप मौके पर ही आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। दरअसल, सरकार की नोटिस में यह बात आई है कि लोक सुराज में मिलने वाले आवेदनों का ढंग से निबटारा नहीं हो रहा है। कई विभाग खानापूर्ति कर मामले का कूड़े के ढेर में डाल देते हैं। इसको देखते ही सरकार ने अबकी अभियान का स्वरुप ही बदल दिया है। लिहाजा, अब सिर्फ आवेदन ही नहीं लिए जाएंगे बल्कि फौरन निराकरण भी किए जाएंगे। अफसरों का दावा है कि देश में पहली बार खास कंसेप्ट के साथ समाधान शिविर लगेंगे और सोशल ऑडिट की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा।

25 फरवरी से शुरूआत-
लोक समाधान शिविर के लिए आवेदन लेने का काम 25 फरवरी से शुरू होकर 28 मार्च तक चलेगा। इस दौरान सरकारी नुमाइंदे घर-घर जाकर आवेदन एकि़त्रत करेंगे। इसके लिए हर 10 ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर बनाए जाएंगे। हर शिविर के लिए एक नोडल अधिकारी होंगे।

3 अप्रैल से समाधान शिविर-
समाधान शिविर 3 अप्रैल से स्टार्ट होकर 20 मई तक चलेंगे। मुख्यमंत्री इसमें सभी 27 जिलों का दौरा करेंगें। इनमें से 20 जिलों में वे रात्रि विश्राम करेंगे। सिर्फ राजधानी के पड़ोस वाले जिले मसलन, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बेमेमरा, बलौदा बाजार, गरियाबंद जैसे जिलों में उनका नाइट हाल्ट नहीं होगा।

न लोकार्पण, न समारोह-
लोक समाधान शिविर में सीएम का अंदाज अबकी बार जुदा होगा। कलेक्टरों को भीड़ जुटाकर वाहवाही बटोरने का इस बार अवसर नहीं मिलेगा। सीएम इस बार दो टूक बात करेंगे। प्रत्येक जिले के दो समाधान शिविर में वे खुद जाएंगे। एक गांव में हेलिकाप्टर से औचकर उतरकर लोगों से सीधे पूछेंगे कि उनके आवेदनों पर कार्रवाई हुई या नहीं। शाम को फिर कलेक्टर कांफ्रेंस में जो टिप्स दिए गए थे, उस पर वे रिव्यू करेंगे।

क्या होगा फर्क –
लोक सुराज अभियान में आवेदन लिए जाते थे। उसके बाद साल भर तक उसका निराकरण किये जाते थे। इसमें यह शिकायत कॉमन थी कि लोक सुराज के आवेदनों पर सुनवाई नहीं होती। सरकार का मानना है कि 85 फीसदी से अधिक समस्याएं इतनी छोटी होती है कि उसे सरकारी मशीनरी चाहे तो फौरन उसका निबटारा किया जा सकता है। जैसे जाति प्रमाण पत्र, नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, जमीन का सीमांकन, नामंतरण समेत राजस्व से संबंधित कार्य। लोगों के इस तरह के काम शिविरों में हो जाएंगे |

तीन सदस्यीय टीम-
लोक समाधान की मानिटरिंग के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई हैं। सिकरेट्री टू-सीएम सुबोध सिंह, ज्वाइंट सिक्रेटरी टू सीएम रजत कुमार और डायरेक्टर पब्लिक रिलेशंस राजेश सुकुमार टोप्पो। तीनों ने अपना काम चालू कर दिया है। लोगों से मिलने वाले आवेदन आनलाइन होंगे। कमेटी इस पर नजर रखेगी कि आवेदनों के निबटारे में फर्जीवाड़ा तो नहीं किया जा रहा है।

सीएम की हरी झंडी-
सीएम ने 16 फरवरी को बिलासपुर के कोटा के कार्यक्रम से लौटकर लोक समाधान का प्रेजेंटेशन देखा और उसे ओके कर दिया। 18 फरवरी को शाम चीफ चीफ सिकरेट्री कलेक्टरों को वीडियोकांफेंरसिंग के जरिये लोक समाधान के टिप्स देंगे।

रिपोर्ट-हरदीप छाबड़ा

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY