आत्महत्या के दुष्प्रेरण में पति को सात वर्ष की कैद

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जौनपुर (ब्यूरो)- दहेज की मांग को लेकर पत्नी को आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के मामले में मंगलवार को एडीजे चतुर्थ एमपी सिंह ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास व ११ हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई ।

अभियोजन कथानक के अनुसार वाराणसी जिले के कपसेठी थाना क्षेत्र के महराज पुर निवासी तेज बहादुर ने सुरेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री पूनम की शादी ३० अप्रैल २००४को सुरेरी थाना क्षेत्र के नूरपुर निवासी दिलीप कुमार पुत्र जिलाजीत के साथ हुई थी । २७ सितंबर २००९को सुबह १० बजे टेलीफोन से सूचना मिली कि पूनम की तबियत खराब है वह मौके पर पहुँचा तो लड़की की लाश दरवाजे पर पड़ी थी। उसने पूनम के पति दिलीप कुमार, सास सावित्री देवी, ससुर जिलाजीत व देवर अशोक कुमार के खिलाफ स्थानीय थाने में दहेज में मोटर साईकिल व पैसे की मांग को लेकर लड़की पूनम को प्रताड़ित करने व मांग पूरी न होने पर जहरीला पदार्थ खिलाकर उसकी हत्या करने का मामला पंजीकृत करवाया।

अभियोजन पक्ष से एडीजीसी प्रकाश मिश्र द्वारा परीक्षित गवाहों के बयान व अन्य साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात न्यायालय ने भादवि की धारा ३०६ के अन्तर्गत पति दिलीप कुमार को दोषी पाते हुए उक्त सजा से दंडित किया , जबकि अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

रिपोर्ट-डा०अमित कुमार पाण्डेय

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