सुबूतों के आभाव में आरोपी बरी

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सुल्तानपुर(ब्यूरो)- अपहरण व फर्जीवाड़ा एवं गैंगस्टर के मामले में विशेष न्यायाधीश नासिर अहमद ने पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत 7 आरोपियो को साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया है।

मामला कूरेभार थाना क्षेत्र के मझवारा गाँव का है।जहाँ के रहने वाले दीपक सिंह ने 17 जुलाई 2006 की घटना बताते हुए पूर्व विधायक सोनू सिंह समेत अन्य के खिलाफ अपने बाबा ओमप्रकाश सिंह की मृत्यु के एक दिन पूर्व ही उनके नाम दर्ज भूमि की फर्जीवाड़ा कर उनके बेटे के नाम वरासत कराने व वादी के बुआ फूफा आदि को मिलाकर बैनामा कराने समेत अन्य आरोपो में मुकदमा दर्ज कराया।

मामले में पूर्व विधायक के अलावा अमरजीत सिंह, जयदेवी, सर्वेंद्र विक्रम, संदीप श्रीवास्तव, धर्मराज सिंह व सुनील सिंह को भी अभियुक्त बनाया गया। इन सभी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत भी कार्यवाही की गई।

मामले का विचारण एडीजे द्वितीय/स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट की अदालत में चल रहा था। मामले में अभियोजन पक्ष ने अपने गवाहों एवं सबूतों को पेश किया। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता संदीप सिंह व रुद्रप्रताप सिंह ‘मदन सिंह’ने अपने सबूतों को पेश कर सभी को बेकसूर बताया।

बचाव पक्ष के जरिये तात्कालीन एसपी अजय मिश्र के ईशारे पर गलत ढंग से मुकदमा दर्ज करा देने का भी तर्क रखा गया। उभय पक्षो को सुनने के पश्चात स्पेशल जज नासिर अहमद ने सभी आरोपियो को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया है।

 

किशोरी को अगवा कर उसके साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी पुलिस कर्मी को स्पेशल जज पाक्सो एक्ट अनिल कुमार यादव की अदालत ने साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया है।

मामला धम्मौर थाना क्षेत्र का है। जहाँ पर हुई घटना का जिक्र करते हुए अभियोगी ने पुलिस कर्मी धर्मेन्द्र सिंह,जय सिंह व जयमिलन के खिलाफ अपनी बेटी को बोलेरों जीप पर जबरन बैठाकर अगवा कर लेने व उसके साथ हुए गैंगरेप के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया।

इसी मामले का विचारण स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की अदालत में चल रहा है। मामले में आरोपी पुलिसकर्मी धर्मेन्द्र सिंह के खिलाफ चल रहे विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्यो को पेश किया, वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित पांडेय ने अपने सबूतों को पेश कर आरोपी पुलिसकर्मी को बेकसूर बताया।

दोनों पक्षो को सुनने के पश्चात स्पेशल जज अनिल कुमार यादव ने साक्ष्य के आभाव में आरोपी पुलिसकर्मी को बरी कर दिया है। जबकि शेष दोनों आरोपी विचारण के दौरान से ही फरार चल रहे है,जिनका मामला अभी विचाराधीन है।

रिपोर्ट-दीपक मिश्रा

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