विधानसभा अध्यक्ष से बीएसए के खिलाफ कार्यवाही की मांग

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रायबरेली ब्यूरो : मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित साक्षर भारत मिशन योजना के प्रति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की मनमानी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विगत दिनों जनपद स्तर पर साक्षरताकर्मियों ने जिला लोक शिक्षा समिति के कई दशक पुराने कार्यालय को बहाल करने समेत नवीनीकरण की मांग को लेकर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। जिस पर समय रहते कोई ठोस कार्यवाही न होने के बाद आदर्श साक्षरताकर्मी वेलफेयर एसोसिएशन की जिला इकाई ने मामले से प्रदेश कमेटी को अवगत कराया।

प्रदेश अध्यक्ष विष्णु प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अकमल खान एवं प्रदेश सलाहकार विजय सिंह ने निदेशक साक्षरता से मुलाकात कर मामले से अवगत कराया। तत्पश्चात संगठन के प्रतिनिधि मण्डल ने विधान सभा अध्यक्ष हृदय नरायन दीक्षित से मुलाकात की और जनपद में बीएसए की मनमानी कार्यशैली और अभद्रतापूर्ण व्यवहार को लेकर अवगत कराया। इस दौरान बातचीत में शासकीय अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की इससे पहले भी कई शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं, जिस पर कार्यवाही के लिये तत्काल प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को निर्देश जारी किया गया। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा शासनकाल में किसी भी अधिकारी को मनमानी की छूट नहीं दी जायेगी। नियम और कानून के दायरे में रहकर कार्य करने वाले अधिकारियों को ही जिम्मेदार पदों पर बिठाया जायेगा। बातचीत में यह भी अवगत कराया गया कि प्रदेश में बोर्ड परीक्षा प्रभावित न हो इसके लिये शिक्षा विभाग में पूर्ववत अधिकारी कार्य कर रहे हैं। परीक्षाएं समाप्त होते ही कार्य क्षमता के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी जायेगी। दिये गये ज्ञापन में संगठन ने साक्षरताकर्मियों के दो वर्ष से बकाया मानदेय का एकमुश्त भुगतान, नियमितीकरण, आकस्मिक अवकाश का निर्धारण और नवीनीकरण की प्रक्रिया समाप्त किये जाने की भी मांग की।

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