लेखपाल व दबंगों के आगे मुख्यमंत्री योगी की सरकारी जमीनों को मुक्त कराने की योजना को लगा झटका

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सुलतानपुर (ब्यूरो) जहां एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कार्यकाल में सभी प्रकार की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की शपथ ली है वही अपने आप को जमीन का आका समझने वाले लेखपाल उनकी योजना को ठेंगा दिखा रहे है। 

गौरतलब हो कि ग्रामसभा धर्मदासपुर के ग्राम भगवानपुर थाना कोतवाली देहात अन्तर्गत ग्रामसभा की गाटा संख्या 85 की नवीन परती की जमीन पर कुछ दबंगो द्वारा कब्जा कर पक्की सरिया का निर्माण कर लिया गया है जिस जमीन को मुक्त कराने के लिए गांव के ही बहुत सारे लोगों ने अपने हस्ताक्षर कर  29/4/2017 को उपजिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र लिखित रूप में दिया जिस पर उपजिलाधिकारी ने तत्काल उचित कार्यवाही करने का आदेश पारित किया। लेकिन कोई प्रगति न होते देख प्रार्थी ने 29/5/2017 को जिलाधिकारी महोदय को एक प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन दबंगों द्वारा प्रार्थी को जान से मार देने की धमकी दी जाने लगी और कहा कि यदि तुम प्रार्थना पत्र नही उठा लेते तो तुम्हे जान से मार दूंगा। तो प्रार्थी ने तहसील दिवस पर 6 जून 17 को तहसील दिवस प्रभारी जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र दिया। इससे बौखलाये दबंगों ने दिनांक 9 जून 2017 को अपनी धमकी के आधार पर रात्रि में लगभग 10 बजे प्रार्थी के घर धावा बोल दिया और गेट को तोड़कर घर में घुस गये और गला दबाकर जान से मारने की पूरी कोशिश की। इनके विरूद्ध कोतवाली देहात में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इस घटना का लाभ उठाते हुए लेखपाल ने विपक्षियों को लाभ पहुंचाने के लिए उनसे मिलमिलाकर रसूख के चलते उस जमीन पर 67(1) की कार्यवाही कर दिया जिससे इस जमीन को मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार कार्य न हो सके और जमीन को टास्क फोर्स में जाने से रोका जा सके। जबकि लेखपाल इसी हल्के में लगभग 3 से 4 वर्षो से कार्यरत है ग्रामीणों द्वारा बताया गया लेकिन लेखपाल द्वारा कोई कार्यवाही नही कि गयी परन्तु जिलाधिकारी का आदेश भी बार-बार हो रहा था कि जो सरकारी जमीन अतिक्रमण किया हो तत्तकाल उसे मुक्त करायी जाय। तो आनन फानन में उस पर 14 जून 2017 को 67 (1) की कार्यवाही कर दी और कहा कि इस पर और किसी भी कार्यवाही की आवश्यकता नही है। 

जिलाधिकारी से ग्रामीणों की मांग है कि 67 (1) की कार्यवाही को निरस्त करते हुए गाटा संख्या 85 की नवीन परती की जमीन को सरकार तथा समाज हित में टास्क फोर्स में भेजकर तत्काल प्रभाव से इसे हटवाया जाय। यदि इस पर कोई कार्यवाही नही कि गयी तो सभी लोग मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी से इसकी शिकायत करेगें। 

रिपोर्ट – दीपक मिश्र

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