अधिशाषी अधिकारी बनाए गए पालिका व नगर पंचायतों के प्रशासक

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जालौन (ब्यूरो) नगर पालिका व पंचायतों के अध्यक्षों का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही कयासों का दौर भी खत्म हो गया है। अधिशाषी अधिकारियों  को ही  नगर पालिका व  पंचायतों का प्रशासन नियुक्त कर दिया गया है। शासन के आदेश पर अब वही नगर पालिका के सभी काम देखेंगे। इसके साथ ही अधिशाषी अधिकारी के साथ संयुक्त हस्ताक्षर के रूप में लेखाकार के हस्ताक्षर मान्य किए जाएंगे। पंचायतों व पालिकाओं की कार्यकारिणी समिति परामर्श देगीं। 

गौरतलब है कि प्रदेश में निकाय चुनाव तय समय पर संपन्न नहीं हो पाए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा निकायों के आरक्षण व मतदाताओं सूचियों मे ंधांधली की आशंका जताइ्र गई थी।  जिसके बाद इसके पुर्नरीक्षण के आदेश जारी कर दिए गए थे। इस प्रक्रिया को पूरे होने मे अभी करीब तीन माह का और समय लग सकता है। जबकि नगर पालिका व पंचायतों के अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। ऐसे में तब तक नगर पालिका के कामकाज देखने के लिए शासन द्वारा पालिकाओं व पंचायतों के अधिशाषी अधिकारियों को प्रशासक के रूप में तैनात कर दिया गया है। वह पालिकाओं व पंचायतों की कार्यकारिणी समितियों के सुझाव व अपने विवेक पर कामकाज करेंगे। नियमानुसार नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों में खातों का संचालन अध्यक्ष व अधिशाषी अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। अब अध्यक्षों का कार्यकाल खत्म होने के बाद उनकी जगह पर उत्तर प्रदेश पालिका केंद्रीयत सेवा क ेलेखा संवर्ग के वरिष्ठतम अधिकारी लेखाकार को संयुक्त हस्ताक्षर के लिए अधिकृत किया गया है। 

रिपोर्ट – अनुराग श्रीवास्तव

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