असुविधा, कभी प्रतिभा को रोक नही पाती : 17 आदिवासी लड़कियों का IIT में चयन

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IIT – 2015 की प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट निकला और मध्य प्रदेश के मंडला जिले के आदिवासी परिवारों में खुशियों की लहर सी आ गयी मूलभूत सुख सुविधाओं से भी वंचित मंडला जिले के सरकारी स्कूल में पढने वाली 17 छात्राओं ने IIT – JEE की प्रवेश परीक्षा  पास कर ली

IIT की परीक्षा पास करने वाली छात्राओं में 13 आदिवासी, 2 बैगा , और 1 अन्य पिछड़ा वर्ग से है | बैगा वर्ग से पहली बार किसी लड़की ने IIT – JEE की परीक्षा पास की है |

प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

IIT – JEE की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली ये छात्राएं देश के सबसे पिछड़े इलाकों और सबसे पिछड़ी जातियों से सम्बन्ध रखती हैं, ये जिन दूर – दराज के इलाकों से आती हैं उन इलाकों में आज भी प्रारम्भिक शिक्षा कितने दूर की कौड़ी है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा  सकता है की जब ये बात इनके परिवारजनों  को पता चली तो उन्हें इसके महत्त्व का पता ही न था, उन लोगों ने हर बार की तरह ऐसा ही समझा की बिटिया किसी परीक्षा में उत्तीर्ण हुई है और बधाई दे दी |

उत्तीर्ण छात्राओं से जब यह पुछा गया की वो IIT की किस शाखा का चयन करेंगी तो उन्होंने इतना ही कहा अभी हमें इसकी अधिक जानकारी नहीं है यह हम आगे सोचेंगे  |

इन छात्राओं ने वित्तपोषित आवासीय स्कूल एकलव्य में रहकर पढाई की है और आज देश की सर्वश्रेष्ठ परीक्षों में से एक IIT – JEE में अपना स्थान निश्चित किया है |

देश में ऐसी प्रतिभाओं को सामने आने का पूरा अवसर मिलना चाहिए और  पूरी तरह से इस बात का ध्यान रखा जाना  चाहिए कि इन्हें आगे बढ़ाने में पूरी वित्तीय मदद मिले और कॉलेज तथा अन्य जगहों पर पर रैगिंग और अन्य दुर्व्यवहारों से इन्हें पूरी तरह बचाया जा सके ताकि कहीं खो ना जाएँ ये तारे जमीन पर

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