रिमझिम फुहार गर्मी से मिली राहत पर किसान बेहाल

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बहराइच (ब्यूरो) मंगलवार की सुबह स जारीे हुयी रिमझिम फुहार ने आमलोगों को गर्मी से थोड़ी राहत तो दे दे गयी मगर किसानों के आंसू पोछने में असफल रहा। यह अलग बात है कि किसानों की उम्मीद को बल मिला है। वैसे तो पिछले दो दिनों से मौसम के मिजाज बदले बदले से नजर आ रहे थे। भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। पर जरुरत मूसलधार बारिश की है जिसकी उम्मीद में किसान आसमां निहार रहे हैं। वे किसान जो धरती का सीना चीर विपरीत परिस्थितियों में भी फसल उगाने का माद्दा रखते हैं। बहरहाल रिमझिम फुहारों के बीच मानसून के दस्तक देने से लोगों में एक उम्मीद की किरण नजर आयी है वहीं दूसरी ओर इस बुंदावानी ने शहर में सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है।जिसपर अपना कड़ा रुख अपनाते हुऐ नगर पालिका परिषद् अध्यक्ष हाजी मो0 रेहान खाँ ने पालिका के सफाई कर्मियो को सख्त निर्देश देते हुऐ कहा है कि शहर की सफाई व्यवस्था के साथ ढुल मूल रवैय्या अपनाने वाले को बख्सा नही जावेगा।समस्य्या वाले क्षेत्रो मे मौके पर जाकर त्वरित सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को सम्पादित किया जावे।अन्यथा की स्तिथि मे कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने कहा कि वर्षात होने से पूर्व ही उन्होंने रेड एलर्ट जारी कर्ते हुऐ चिन्हित इलाको के तल्लिझार करने के निर्देश दे रखे है।

गर्मी से मिली राहत
मंगलवार की सुबह हुयी मौसम की पहली बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। पिछले दो माह से पड़ रही तेज गर्मी से आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ रहा था। लोगों के दिन का चैन तो छीन ही गया था, रात की नींद भी हराम थी। कभी गर्म पछुआ हवा से लोग हलकान हो रहे थे तो कभी पुरवईया बयार उन्हें पसीने से सराबोर का रही थी। कुलर और पंखे की हवा भी राहत देने में असमर्थ साबित हो रही थी। गर्मी को देखते हुए सरकारी विद्यालयों को भी बंद कर दिया गया था। ऐसे में मंगलवार को हुयी रिमझिम फुहार ने लोगों को सुकुन पहुंचाया है। गर्मी से परेशान चेहरे पर राहत का भाव नजर आया है।

किसानों के नहीं मिला लाभ
तेज बारिश की आस लगाए किसानों को फिलहाल यह रिमझिम फुहार राहत नहीं पहुंचा सकी। हां इतना जरुर है कि मानसून ने दस्तक देने से किसानों को एक उम्मीद बंधी है। दरअसल मुख्य रुप से बारिश पर आधारित यहां की कृषि के लिए किसानों को मुसलाधार बारिश की जरुरत है। धान का बिचड़ा डालने के लिए उपयुक्त समय बीतता जा रहा है। किसान आसमां निहार रहे है कि कब बारिश होगी और वे कृषि कार्य प्रारंभ कर सकेंगे। पिछले दो तीन वर्षो से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण एक तरफ जहां यहां की नदियां सुखी पड़ी है वहीं जलस्तर भी घटता जा रहा है। जिससे डिजल पंपसेट और मोटर चलाकर भी से ही कृषि कार्य की शुरुआत करने में परेशानी हो रही है। किसानों का कहना है कि जब तक अच्छी बारिश नहीं होगी तब तक कृषि कार्य को पटरी पर नहीं लाया जा सकता है। दूसरी ओर किसानों की उम्मीद जगी है कि इस बार अच्छी बारिश हो सकती है। मानसून की पहली बारिश ने आसमां निहारते किसानों को थोड़ी राहत मिली है। राहत इस बात की कि मानसून ने दस्तक दे दी है।

रिपोर्ट – राकेश मौर्या

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