सीडीओ की बैठक के बाद डीओ ने चिकित्सक से की अभद्रता

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उरई/जालौन(ब्यूरो)- जिले के आयुर्वेदिक व यूनानी अस्पतालों की खराब हालत सुधारने के लिए भले ही सीडीओ द्वारा प्रयास किए जा रहे हों। पर विभाग के ही उच्च अधिकारी सीडीओ की इस मंशा को पलीता लगा रहे हैं। शुक्रवार को इसकी ताजी बानगी फिर देखने को मिल गई। जब सीडीओ की बैठक से बाहर निकले क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी ने एक चिकित्साधिकारी से अभद्रता कर दी और गालियां देते हुए देख लेने तक की धमकी दे डाली।

मामला यह है कि आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी के पद पर उरई में तैनात कमलेश बाबू एक पैर से विकलांग होने के बावजूद भी यहां पर फार्मासिस्ट व चीफ फार्मासिस्ट का पद संभाल रहे हैं। इसके बाद भी प्रभारी आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी ने कमलेश बाबू को रामपुरा अस्पताल से अटैच कर दिया। इसे लेकर चिकित्साधिकारी कमलेश बाबू ने जब प्रभारी डीओ मौर्या से बात की तो वह भडक उठे और उनके साथ अभद्रता करने लगे। बात बढने पर उन्होंने चिकित्साधिकारी को देख लेने तक की धमकी दे डाली।

इस बारे में पीडित चिकित्साधिकारी कमलेश बाबू का कहना है कि सीडीओ ने भी ने निर्देश दिए हैं कि चिकित्सकों को पास के ही अस्पतालों से अटैच किया जाए। इसके बाद भी प्रभारी डीओ ने उनका अटैचमेंट करीब 50 किलोमीटर से अधिक दूर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी डीओ दुर्भावना से ग्रस्त हैं और बीते तीन वर्षों से उनका शोषण कर रहे हैं। इस बारे में वह जल्ज्द ही सीडीओ से शिकायत करेंगे।

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव 

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