कृषि मंत्री ने कृषि से जुड़े अधिकारियों को दिए निर्देश

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बलिया (ब्यूरो) -: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रविवार को लोनिवि डाकबंगले में कृषि विभाग के कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जिला कृषि रक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि वह स्वयं जिला उद्यान अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से टीम बनाकर आम की फसलों का निरीक्षण करें। आम की फसलों में लगने वाले रोग, कीट व्याधियों से बचाव के लिए किसानों को आवश्यक सुझाव दें तथा उसका प्रचार प्रसार भी करें।जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश किसान ऋण मोचन योजना के अंतर्गत पोर्टल पर प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायतों को एक-एक कर पूरी गंभीरता से बैंक एवं तहसील के माध्यम से सत्यापन कराएं। साथ ही मानकों के अनुरुप ऋण मोचन की कार्यवाही समय से संपादित कराएं।

कृषि मंत्री ने प्रभारी उप कृषि निदेशक/भूमि संरक्षण अधिकारी संजेश कुमार श्रीवास्तव को निर्देशित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत, नरही में धान का क्लस्टर प्रदर्शन आयोजित कराया जाए तथा विकासखंड बेलहरी के ग्राम पंचायत सोनवानी में मक्का का क्लस्टर प्रदर्शन आयोजित किया जाए। आत्मा के अंतर्गत आयोजित होने वाले खंड प्रदर्शनों को जनपद के जनप्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित करते हुए उनसे ग्राम पंचायतों का प्रस्ताव प्राप्त कर क्लस्टर के रूप में प्रदर्शन का आयोजन कराया जाए।उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि विगत वर्ष में जनपद में वितरित बीज के सापेक्ष इस वित्तीय वर्ष में कम से कम डेढ़ गुना अधिक बीज का वितरण कराया जाए। इसके लिए क्षेत्रीय कर्मचारियों को लक्ष्य आवंटित करते हुए माइक्रो प्लान तैयार किया जाए और अभी से बीज वितरण हेतु कृषकों का चयन कर लिया जाए।जिला प्रबंधक पीसीएफ को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि जनपद में दलहन के क्रय हेतु मसूर के बहुलता वाले क्षेत्र में जिसमें एक सोहाव तथा दूसरा बैरिया क्षेत्र में कुल दो दलहन क्रय केंद्र स्थापित कराई जाए।

प्रबंध निदेशक बीज प्रमाणीकरण संस्थान लखनऊ श्री पी सी सिंह को दूरभाष पर निर्देशित किया कि जनपद में बहुत से कृषकों के द्वारा कार्बनिक खेती की जाती है। अतः विभाग के माध्यम से उन्हें कार्बनिक खेती के पंजीकरण के संदर्भ में बताते हुए जनपद बलिया के ऐसे कृषकों का जो कार्बनिक खेती में अभिरुचि रखते हैं तथा कार्बनिक उत्पाद पैदा करते हैं, का पंजीकृत कराया जाए।जनपद में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कार्य की प्रगति पर उन्होंने संतोष प्रकट किया और विभाग के समस्त अधिकारियों को कठोर निर्देश दिए कि कृषकों के लिए शासन द्वारा चलाई जाने वाली समस्त योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित करते हुए कृषकों को लाभ प्रदान करें तथा वर्ष 2022 तक कृषकों की आय को दोगुना करने के लिए आवश्यक प्रयास सुनिश्चित
करें।

रिपोर्ट – अजीत ओझा

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