भागवतकथा सुनने से नष्ट होता है अहंकार: झिलमिल महराज

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लालगंज/रायबरेली (ब्यूरो) : बैसवारा क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक पीठ बाबा बाल्हेस्वर मन्दिर मे आयोजित श्रीमद्भागवत कथा मे कथावाचक पं0 झिलमिल जी महराज ने कहा कि मन ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष का कारण है।मनुष्य के जीवन मे अहंकार ही उसके पतन का कारण बनता है।भागवतकथा सुनने से मानव का अहंकार दूर होता है।

कथावाचक ने कहा कि अगर नारद जी को अहंकार न होता तो शायद भगवान को अन्य रूपों मे अवतरित होकर उनके अहम को तोडना नही पडता।कथा के पांचवें दिन व्यास गद्दी पर विराजमान पं. झिलमिल जी महराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया।गोवर्धन पूजा और इन्द्र के अहंकार रूपी कथा का लोगों को रसपान कराया और कहा कि मनुष्य को अहंकार कभी नही करना चाहिये।अहंकार व्यक्ति को समूल नष्ट कर देता है।रविवार को कथा के यजमान के रूप मे भीषम सिंह ने पूजन अर्चन किया।इस पावन अवसर पर वासुदेव सिंह, अतुल सिंह, अनुज अवस्थी, मुकेस सिंह, सिवबरन सिंह, कीर्ति मनोहर शुक्ला, धीरेन्द्र मिश्रा, मोनू मिश्रा आदि मौजूद रहे।

रिपोर्ट – आशीष शुक्ला

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