अखंड भारत पत्रिका का लोकार्पण देश की संसद भवन में संपन्न हुआ, “कलाम को सलाम विशेषांक”

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नयी दिल्ली 14 अक्टूबर !!-  महामना डा. कलाम के जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर सम्पूर्ण भारत से होते हुये अखंड भारत की गूंज संसद भवन में भी जोरदार तरीके से सुनाई दी ! संसदीय हिंदी परिषद, परिचय साहित्य परिषद् व् विधि भारती द्वारा संसद के केन्द्रीय कक्ष मे आयोजित वार्षिक समारोह मे त्रैमासिक पत्रिका अखंड भारत के कलाम को सलाम विशेषांक का लोकार्पण हुआ ! साथ ही महिला विधि भारती विशेषांक डा. सरोजनी महिर्षि, उरावं जनजाति का लोकसाहित्य ,प्रतिज्ञा ,रेखाएं आड़ी तिरछी के लोकार्पण ने वैविध्य से भर साहित्य के राष्ट्र भाषा उत्सव को अविस्मर्णीय कर दिया !

akhand bharat patrikaसंसद के केन्द्रीय कक्ष मे पिछले चालीस वर्ष से राष्ट्र भाषा गौरव पुरस्कार समारोह का अयोजन होता रहा है जो हिंदी के साथ साथ क्षेत्रीय भाषाओ के प्रचार प्रसार से निश्चय ही देश मे समरसता और एकता मजबूत करता अनूठा प्रयास है ! राष्ट्र भाषा गौरव सम्मान संकल्पना के उद्बोधन के साथ उर्मिल सत्यभूषण ने संसद में साहित्यकारों के उपस्थिति को गरिमामयी अनुभूति प्रदान किया ! दीप प्रज्वलन के साथ अतिथि मंच आमंत्रण एवं परिचय संबोधित करते हुए संतोष खन्ना ने राष्ट्र भाषा उत्सव को गति प्रदान किया ! स्वागत भाषण कर्नाटक के पूर्व राज्यपाल त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी ने दिया ! मुख्य अतिथि माननीय लाल कृष्ण आडवाणी की आकस्मिक अनुपस्थिति के बावजूद पद्म भूषण डा. सुभाष कश्यप (लोक सभा एवं संविधान विशेषज्ञ ), विशिष्ट अतिथि डा. देवेन्द्र राज अंकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही !राष्ट्र भाषा उत्सव का सञ्चालन डा. पूरनचंद टंडन ने अद्भुत संभाषण से किया !

राष्ट्र भाषा गौरव सम्मान से सम्मानित होने वाले साहित्यकार डा. कमल किशोर गोयनका, डा. वासंती रामचंद्रन, डा. एस.पी.सुदेश, सरोजनी प्रीतम के साथ ही मिडीयाकर्मी नीलम शर्मा,प्रदीप जैन रहें ! महिला विधि भारती पत्रिका की संपादक संतोष खन्ना ,डा. सूरजमणि स्टेला, डा. उषा देव ,प्रतिभा जौहरी के सम्मान के साथ ही संपादक अरविन्द योगी, सुरभि सप्रू संग अखंड भारत परिवार को स्मृति चिन्ह व् प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया ! संविधान मर्मग्य डा. सुभाष कश्यप ने जहाँ राष्ट्र भाषा उत्सव के प्रति उद्बोधन में हिंदी के हितार्थ पहलुओं पर पूरे देश का आवाहन किया वहीँ डा. देवेन्द्र राज अंकुर ने सरोजनी महर्षि की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके विशेषांक की महत्ता पर प्रकाश डाला ! हिंदी के क्रांतिक आयाम में पल्लवित पत्रिका अखंड भारत को राष्ट्र की अस्मिता उद्घोषक कहते हुए भारत की पहचान बनाते सशक्त व् संगठित प्रयास को सराहा गया !उर्मिल सत्यभूषण ने आत्मिक संवाद में राष्ट्र भाषा के प्रति संभावनो व् प्रगति पर बेहद संवेदनात्मक अभिव्यक्ति से संसद भवन में उपस्थित सभी साहित्य स्नेहियों में उम्मीद व् ऊर्जा का विस्तार किया ! सम्पूर्ण आयोजन में संगठन व् सहयोग को समन्वित करते हुए अनिल वर्मा मीत निश्चय ही बधाई के पात्र रहें !
संसद भवन में एक दिन .राष्ट्र भाषा उत्सव पर प्रस्तुति ….अखंड भारत परिवार

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