कबरई का अखंड इन्डर कालेज बना अखाडा, प्रबंधक व बेटे ने बन्दूक के बटों से अध्यापक को किया लहुलुहान

कबरई/महोबा (ब्यूरो)- जहाँ पर बच्चो को शिक्षा दी जाती है तथा उनके भविष्य को सफल बनाने का पूरा प्रयास किया जाता है वहीं पर अब कालेज के पहले सत्र मे ही कबरई के अखंड इंटर कालेज अखाडा बन गया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक कबरई थाने के सामने बना अखंड इंटर कालेज जहाँ के सहायक अध्यापक के पद पे कार्यरत ईश्वरीय प्रसाद तिवारी का कहना है की जब सन् 2014 मे वह कालेज की तरफ से प्रधानाचार्य बनाऐ गऐ थे तो उन्होनें कालेज के फंड मे आने वाले रुपयो की जांच पर प्रबंधक से सवाल जवाब करने तथा कालेज के बाहर बनी दुकानो से आने वाले रुपयो के बारे मे जानकारी लेनी चाही तो प्रबंधक बात को यह कहकर टाल देता की तुम अपना काम करो मै प्रबंधक हूं मुझसे सवाल जवाब करने या हिसाब के बारे मे पूछने का तुम्हारा अधिकार नहीं है तब से उसी बात पर खुन्नस खाऐ प्रबंधक ने आज करीब 11:25 बजे अपने ही कालेज के सह.अध्यापक से प्रबंधक राजकिशोर शुक्ला व उसके लडके ज्ञानेन्द्र शुक्ला पुत्र राजकिशोर शुक्ला ने कालेज के अन्दर वहाँ पढने आऐ बच्चो के सामने बन्दूक की बटो से बुरी तरह मारा जिससे अध्यापक लहुलुहान हो गया सामने कबरई थाना होने पर अध्यापक अपने बचाव हेतु भागकर थाना गया और सब बाते बताई तथा घटना की लिखित शिकायत भी दी तथा उन दोनों पर कडी कार्यवाही करने की माँग के साथ-साथ सुरक्षा की बात भी कही क्योंकि उसे कालेज तो पढाने आना है और उन दबंग ने अध्यापक को जान से मारने की धमकी भी दी है।

कालेज के सारे अध्यापक का कहना है की मामूली बात पर दबंग प्रबंधक ने यह कदम उठाया और प्रबंधक ने यह एक बार नहीं कई बार व अलग अलग अध्यापको के साथ आयदिन अपनी दबगई दिखा कर गाली गलौज से बात करता है तथा कालेज मे बन्दूक लेकर आता है जो की नियम के खिलाफ है इतना ही नहीं वहाँ उपस्थित अध्यापक का कहना है, की जब मारपीट हो रही थी तो प्रबंधक ने अपनी राईफल लोड करके अध्यापक के सीने मे भी लगा दी थी वो तो वहाँ कुछ अध्यापक ने प्रबंधक से सह. अध्यापक को छुडवा लिया था।अध्यापक की शिकायत पर कबरई थाना पुलिस ने प्रबंधक व लडके को मौके से पकडकर थाने ले आई तथा उसकी राईफल भी जमा कर ली।

अब सवाल यह उठता है की क्या शिक्षा के मन्दिर मे अस्त्र शस्त्र लाने का अधिकार कब से लागू हो गया।इस तरह की घटना से साफ रहा है की कालेज मे पढाई कितनी होती होगी जब की माहौल दंगो वाला है।

रिपोर्ट- प्रदीप मिश्रा

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