चुनाव प्रचार के आखिरी सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने झोंकी पूरी ताकत

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बलिया,ब्यूरो। छठवें चरण के प्रचार-प्रसार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूरी ताकत झोंक दी। भाजपा पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री से नोटबंदी का पूरा हिसाब मांगा। कहा कि यूपी की समाजवादी पार्टी की सरकार अपने काम का ब्योरा देने को तैयार है, क्या मोदी सरकार अपने तीन साल के काम का ब्योरा देगी? बोले, पीएम मोदी बहुत मन की बात कर चुके हैं, अब काम की बात करें। टीवी और रेडियो पर मन की बात करने से देश का भला नहीं होगा, पीएम अब काम की बात करें। लोग वो सुनना चाहते हैं। लेकिन काम न करना पीएम मोदी का कारनामा है। प्रधानमंत्री के सूट पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे गोंडा में आकर बच्चों की नकल की बात करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते हैं कि उनका सूट किसकी नकल से बनवाया गया है।

‘काम नहीं, कारनामें बोलते हैं’ के सवाल पर घेरने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई काम ना करना ही मोदी का सबसे बड़ा कारनामा है। जिले में सपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी हमारे कारनामे बताते हैं, लेकिन उन्होंने अपने काम का कोई हिसाब-किताब नहीं दिया। मोदी विकास पर बहस करने से भाग रहे हैं। अगर वह हमारे कारनामे को देखना चाहते हैं तो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर आइये, जो हमने बनाया है। कहा कि यदि पीएम हमारी सड़कों पर चलें तो वे भी हमें ही वोट देंगे। प्रदेश में बिजली आपूर्ति में भेदभाव का आरोप लगाने वाले प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में 24 घंटे बिजली आने को लेकर अब तक गंगा मैया की कसम नहीं खायी है। इसका मतलब है कि वह इस सवाल पर लड़ाई नहीं लड़ पा रहे हैं। मोदी को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की व्यावहारिकता पर घेरते हुए कहा कि मोदी अपनी हर सभी में कह रहे हैं कि उन्होंने गरीब महिलाओं को रसोई गैस सिलेंडर और चूल्हा दिया है, लेकिन सिलेंडर की कीमत लगातार क्यों बढ़ा रहे हैं? सपा अध्यक्ष ने बसपा मुखिया मायावती पर भी प्रहार करते हुए कहा कि पत्थर वाली सरकार की नेता जब लिखा हुआ भाषण पढ़ती हैं तो कुर्सियों पर बैठी जनता सो जाती है। मायावती अब कह रही हैं कि वह स्मारक नहीं बनवाएंगी, मगर उन पर कौन भरोसा करेगा। उन्होंने तो जीते-जी अपनी ही पत्थर की मूर्ति लगवा ली। अपनी नाक, कान, मुंह पत्थर का कर लिया, नकदी वाला बैग भी पत्थर का कर लिया। वैसे तो कहने को वह हमारी बुआ हैं, लेकिन भाजपा से कब मिल जाएं और रक्षाबंधन मना लें, यह पता नहीं। बलिया समेत पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा सड़कें बनाने का दावा करते हुए कहा कि हमारी मत मानो, आप सरकारी आंकड़े निकाल लो, अगर किसी ने सड़कें बनायी हैं तो समाजवादी सरकार ने ही बनायी हैं। यह अलग बात है कि ठेका कोई पा लें, हमारी मुश्किल तो यह है कि जिन्होंने ठेका पाया उन्हीं से हमारे प्रत्याशी को लड़ना पड़ रहा है। उन्होंने किसी का नाम लिये बगैर कहा ठेका दिलाने वाले अब चले गये। अब तो उनकी जोड़ी बन गयी होगी। सोचो बुआ के यहां गये होंगे तो उन्होंने घुटनों के बल बैठाया ही होगा, रेंगते हुए गये होंगे। हमने तो सुना है कि जो उनके दल से निकलकर आता है, वह बताता है कि बुआजी बिना नकदी लिये टिकट नहीं देतीं हैं। जिन्होंने कमाया, जिन्होंने दिलाया, वो खर्चा करके हमारी बुआ के यहां चले गये।

रिपोर्ट–संतोष कुमार शर्मा

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