अलबेला साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद रग्घूखेड़ा की 95वीं काव्य गोश्ठी संपन्न

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बीघापुर/उन्नाव(ब्यूरो)- अलबेला साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद रग्घूखेड़ा की 95वीं काव्य गोश्ठी विष्व देव मंदिर में सम्पन्न हुई। गोश्ठी का षुभारम्भ अनिल वर्मा की वाणी वन्दना से हुआ। षांतिमयी सद्भाव के भाव दिलों में सभी के बहाओ हे मइया,रसना में रमी रहे आठहु याम वो वीणा के तार सुनाओ हे मइया। विवेक दीक्षित ने पढ़ा- भोर का सुख रात्रि की चित्कार हूं, मैं तुम्हारे षहर का अखबार हूं। नरेन्द्र आनन्द ने पढ़ा- प्रतिबिम्ब का मित्थ्यापन ही सत्य तुम्हारा है,आचरण असत् ओढ़े व्यक्तित्व हमारा है, किरदार लाख बदलो दुर्भाग्य न टल पाया, तुम सत्य से लगते हो पर सत्य नहीं पाया।

वहीं नीरज कुमार ने पढ़ा- इतना मषगूल हूं दुनिया के लिए दुनिया में कि तेरी याद को आना भी बुरा लगता है। अन्य कवियों में भारत सिंह परिहार, डाॅ0 महावीर सिंह, नरेन्द्र उम्मीद, संजीव तिवारी, मृत्युंजय पाण्डेय, योगेन्द्र कुमार, षिव पाल सिंह, आयोध्या प्रसाद आदि रहे। निर्देषन डाॅ0 जगद्बहादुर सिंह का रहा। संचालन अनिल वर्मा ने किया।

रिपोर्ट- मनोज सिंह 

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