उत्तराखंड की राजनीति में नये नेत्रत्त्व का हो रहा उदय, किसानों को आखिर मिल ही गया अपना मसीहा –

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IMG_6915पिछले कुछ वर्षों से देश में लगातार किसानों की आत्महत्या की सूचना अख़बारों, चैनलों के माध्यम से सुनने को मिलती रहती है लेकिन आज तक न ही केंद्र सरकार इसके लिए कोई ठोस कदम उठाती दिख रही है और न ही कोई राज्य सरकार ही इसके लिए उचित फैसलें ले रही है I राज्य और केंद्र सरकारों का सबसे अधिक समय एक दूसरे की जिम्मेदारियों को याद दिलाने और उनकी कमियों का उलाहना और आलोचना करने में समय बीत रहा है और दूसरी तरफ इन सभी से आहत किसान लगातार आत्महत्या करते जा रहे है I

काशीपुर में किसानों और मजदूरों के समर्थन में उतरी आम आदमी पार्टी –

हाल ही में देश के भीतर राजनीति में भयंकर तूफ़ान मचा देने वाली आम-आदमी पार्टी कि उत्तराखंड यूनिट अपने युवा नेता जितेन्द्र मलिक के नेत्रत्त्व में पिछले कुछ दिनों से किसानों के हक़ की लड़ाई लड़ रही है I आपको बताते चलते है कि आमआदमी पार्टी के नेता और इस आन्दोलन के संचालक जितेन्द्र मलिक ने हमें बताया कि उत्तराखंड की सुगर मिल में किसानों का बकाया वर्ष 2011 से बकाया तक़रीबन 32 करोंड रुपये है और इतना ही नहीं मजदूरों का बकाया भी इससे कुछ ज्यादा कम नहीं है वह भी 26 करोंड रुपये है I आम आदमी पार्टी के नेता के अनुसार जिन किसानों और मजदूरों के खून पसीने की कमाई उत्तरखंड सरकार और मिल मालिकों के चक्कर में अटकी हुई हैं उनमें से तक़रीबन 40 ने अब तक इसीलिए आत्महत्या भी कर ली है I

जितेन्द्र मलिक की अगुवायी में जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन –

IMG_6918आमआदमी पार्टी के नेता और किसान आन्दोलन के संचालक जितेन्द्र मलिक के नेत्रत्त्व में आमआदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने काशीपुर के जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है I जिसमें किसानों की दुर्दशा और लगातार हो रही उनकी अनदेखी की तरफ जिलाधिकारी का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया है I काशीपुर जिलाधिकारी ने किसान नेताओं को भरोषा दिलाया है कि सभी बकाया भुगतान अगामी 11 अक्टूबर तक कर दिए जायेंगे I अब देखना यह दिलचस्प होगा कि जो भरोषा जिलाधिकारी ने इन किसान नेताओं के माध्यम से किसानों को दिया है क्या प्रदेश सरकार इस भरोषे को पूरा होने देगी क्या किसानों का सपना साकार होगा ?

 

 

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