अमेरिका ने एक बार फिर दी चीन को नसीहत, कहा – अगर विवाद निपटाना है तो भारत से कुछ सीखो

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वाशिंगटन- हाल ही में एनएसजी सदस्यता में भारत की सदस्यता को लेकर रोड़ा अटकाने वाला चीन अब दक्षिण चीन सागर को लेकर एक बार फिर से विवाद और मुसीबत में खुद ही फंसता हुआ दिखायी पड रहा है | ऐसे समय जब चीन चारों तरफ से अपने द्वारा बुने हुए जालों में फंसता हुआ नजर आ रहा है अमेरिका ने चीन को भारत से सीख लेने की सलाह दी है | अमेरिका ने चीन से कहा है कि चीन को अपने पडोसी भारत से सीख लेनी चाहिए कि भारत ने कितनी आसानी और विनम्रता के साथ अपने पडोसी देशों के साथ अपने समुद्री विवाद को सुलझा लिया है | भारत से चीन को सीखना चाहिए |

दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन और फिलीपींस, वियतनाम सहित अन्य कई देशों के साथ है विवाद-
बता दें कि चीन दक्षिण चीन सागर को लेकर पिछले काफी समय से विवादों में है | चीन का दक्षिण चीनी सागर में मुख्यतः विवाद वियतनाम, फिलीपींस, ताइवान और अन्य कई देशों के साथ लगातार कई वर्षों से चला आ रहा है | चीन इस पूरे क्षेत्र में अपना अधिकार ज़माना चाहता है जबकि कई पडोसी देश इसका मुखर विरोध कर रहे है |

फिलीपींस ने अतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत का दरवाजा खटखटा था –
बता दें कि चीन के दक्षिण चीन सागर में बढ़ते हुए प्रभुत्त्व को देखते हुए फिलीपींस ने अतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत का दरवाजा खटखटा था | जल्द ही इस मामले पर अतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत का फैसला आने वाला है | हालाँकि चीन शुरुआत से इस मामले में अतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत का विरोध करता रहा है | चीन का कहना है कि यह एक क्षेत्रीय मसला है जिसमें अतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत को दखल नहीं देना चाहिए | इस मसले को हम अपने सभी पडोसी देशों के साथ मिल बैठकर बातचीत के जरिये सुलझा लेंगे |

भारत से सीखे चीन, भारत ने किया था फैसले पर अमल –
अमेरिका ने भारत का उदहारण देते हुए कहा है कि, ‘साल 2014 में अतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने तक़रीबन 30 साल से चले आ रहे एक समुद्री विवाद के मसले पर स्थायी मध्यस्थता अदालत ने भारत के विरुद्ध और बांग्लादेश के समर्थन में फैसला दिया था और भारत ने इस फैसले का सम्मान किया था और इसे सहर्ष स्वीकार भी किया था | भारत ने तब माना कि इस मामले का समाधान होने से आपसी समझ और दोनों देशों के बीच मित्रता में बढ़ोतरी होगी | यह एक ऐसा उदाहरण है जिसका अनुसरण करने की हम चीन से भी चाहत रखते हैं |’
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