भारत के दुश्मनों की नींद उड़ी, अब भारत के दुश्मनों को सीधे अमेरिका देगा जवाब |

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ELMENDORF AIR FORCE BASE, Alaska -- President Barack Obama gives a speech to a crowd of military personnel and civilians gathered Elmendorf Air Force Base, Alaska, Nov. 12. The president was at the base to meet with servicemembers and offer remarks to the local community. (U.S. Coast Guard photo/ Petty Officer 1st Class David B. Mosley.)

भारत और अमेरिका अब दुश्मनों के सामने एक – दुसरे की ढाल बनकर खड़े रहेंगे, भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने सम्बन्धी विधेयक को अमेरिकी सीनेट में भारी मतों से मंजूरी मिल गयी है | अमेरिकी संसद में इस विधेयक के पास होने के बाद से दोनों देशों के दुश्मनों की नीदें उड़ना स्वाभाविक है |

इस विधेयक में भारत अमेरिका के बीच सैन्य विश्लेषण, सैन्य सिद्धांत, सुरक्षा बलों की योजना, साजो-सामान सम्बन्धी सहयोग और खुफिया सूचना संग्रह तथा विश्लेषण के मकसद से भारत के साथ सैन्य सम्बन्ध और मजबूत करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है |

अमेरिकी संसद में पारित इस विधेयक में रक्षा मंत्री को निर्देश दिया गया है कि वह भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान दें, और यह सुनिश्चित करें कि अमेरिका और भारत के बीच सहयोग इतने उचित स्तर हों कि विश्लेषण, सैन्य सिद्धांत, सुरक्षा बलों की योजना, साजो-सामान संबंधी सहयोग और खुफिया सूचना संग्रह तथा विश्लेषण, तरकीबों, तकनीकों एवं प्रक्रियाओं और मानवीय सहयोग एवं आपदा राहत के लिए दोनों देशों की सेना के बीच संपर्क को बढ़ाया जा सके |

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सीनेट में पारित विधेयक में अमेरिकी रक्षा मंत्री से कहा गया है कि वह हिंद-एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा, समुद्री लूट विरोधी अभियान, आतंकवाद विरोधी लड़ाई में सहयोग सहित साझा सैन्य अभियानों में बढ़ोतरी सुनिश्चित करें |

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  1. अमेरिका भारत का मित्र रहता तो वह अन्य आतंकियों की तरह पाक में छुपे भारत को तबाह करने को तुले आतंकियों को भी ड्रोन हमले से खत्म कर देता। अमेरिका भारत का मित्र नहीं व्यापारी है। भारतीय हुक्मरान राव, बाजपेयी, मनमोहन से लेकर मोदी तक जितना भी अमेरिका के पिछलग्गू बन जाय वह चीन व पाक की तरह ही भारत का हितैषी वेसे नहीं हो सकता जैसा रूस है।

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